>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सुरक्षा तभी सुनिश्चित हो सकती है जब वह अपने नागरिकों की रक्षा करे और दुष्ट शक्तियों का पूर्ण संहार करे। उन्होंने चेतावनी दी कि अराजकता किसी भी देश को विनाश की ओर ले जाती है और केवल सुरक्षा के माहौल में ही समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
>गोरखनाथ मंदिर में आयोजित ‘भारत के समक्ष राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने आचार्य चाणक्य के विचारों का हवाला दिया और पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि आंतरिक अराजकता किसी भी राष्ट्र को खोखला बना देती है। उन्होंने कहा कि भारत माँ की आन, बान और शान के साथ कोई भी दुस्साहस स्वीकार्य नहीं होगा।
>सीएम योगी ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आदर्शों को उद्धृत करते हुए कहा कि "परित्राणाय साधूनाम विनाशाय च दुष्कृताम्" के सिद्धांत पर ही राष्ट्र सुरक्षित और समृद्ध हो सकता है। उन्होंने सैनिकों के पराक्रम को नमन करते हुए कहा कि नागरिक तभी चैन की नींद सो पाते हैं जब जवान -50 डिग्री तापमान में भी सीमाओं पर डटे रहते हैं।
>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि युद्ध की सफलता के लिए "सरप्राइज फैक्टर" बेहद अहम है। उन्होंने उरी सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय सेनाओं ने हर बार दुश्मनों को चौकाया और लक्ष्य हासिल किया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को भूमि, विचारधारा और नागरिकों की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि आने वाला युद्ध तकनीक और साइबर अटैक के नए स्वरूप में लड़ा जाएगा।
>इस अवसर पर सीएम योगी ने युगपुरुष महंत दिग्विजयनाथ और राष्ट्रसंत महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथियों पर उनके राष्ट्रसेवा समर्पित जीवन को नमन किया और संगोष्ठी को गुरु परंपरा का गौरव बताया। साथ ही, उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ भी दीं।