उत्तर प्रदेश में ‘नव निर्माण के 9 वर्ष’ कार्यक्रम के तहत आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था में हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब न भय है, न तनाव और न ही दंगों का खतरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में प्रदेश में त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द का माहौल बना है। नवरात्रि, रमजान, ईद और अन्य अवसरों पर कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था में सुधार का परिणाम बताया।
सरकार के अनुसार पिछले 9 वर्षों में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिनमें 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती शामिल है। पुलिस बल को मजबूत करने के साथ प्रशिक्षण क्षमता भी बढ़ाई गई है। वर्ष 2025 में भर्ती 60,244 पुलिसकर्मियों को प्रदेश में ही प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें 20 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के लिए कमिश्नरेट प्रणाली सात जिलों में लागू की गई है। इसके साथ ही सभी जिलों में साइबर थानों की स्थापना और थानों में साइबर हेल्प डेस्क बनाई गई है। फॉरेंसिक साइंस लैब, स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट और स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स जैसे संस्थानों की स्थापना का भी उल्लेख किया गया।
उन्होंने बताया कि पीएसी की 34 कंपनियों को पुनर्जीवित किया गया है और तीन महिला बटालियनों का गठन किया गया है। सरकार के अनुसार इन पहलों के माध्यम से प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों के विश्वास को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।