उत्तर प्रदेश में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है। इस योजना के तहत युवाओं को बिना बैंक गारंटी और ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा दी जा रही है। लखनऊ की बायोटेक्नोलॉजिस्ट तूबा की सफलता की कहानी इसी पहल का उदाहरण है, जिन्होंने ‘सॉइल कॉन्सेप्ट’ ब्रांड के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल प्राकृतिक सौंदर्य उत्पादों का व्यवसाय शुरू किया।
तूबा के अनुसार उन्होंने प्राकृतिक पर्सनल केयर उत्पादों का ब्रांड विकसित करने के उद्देश्य से ‘सॉइल कॉन्सेप्ट’ की शुरुआत की। शुरुआती दौर में कच्चा माल और मशीनरी खरीदने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उन्हें इंटीग्रेटेड फाउंडेशन के माध्यम से मुख्यमंत्री युवा योजना की जानकारी मिली।
योजना के तहत आवेदन करने के लगभग 15 दिनों के भीतर उन्हें 5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण प्राप्त हुआ, जो बिना किसी बैंक गारंटी के उपलब्ध कराया गया। इस वित्तीय सहयोग से उन्होंने मशीनरी और कच्चा माल खरीदा तथा रसायनमुक्त सौंदर्य उत्पादों का उत्पादन शुरू किया।
तूबा द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों में हर्बल शैम्पू, कंडीशनर, हेयर सीरम, हर्बल हेयर ऑयल, बॉडीवॉश, लोशन और हस्तनिर्मित साबुन शामिल हैं। वर्तमान में उनके उत्पाद 50 से अधिक आउटलेट्स और विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से देशभर में उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि इस उद्यम के माध्यम से चार महिलाओं सहित कुल सात लोगों को रोजगार मिला है। योजना के माध्यम से प्रदेश की अन्य युवा महिलाएं भी स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार के अनुसार ‘मुख्यमंत्री युवा’ योजना के तहत 21 से 40 वर्ष के युवाओं को पहले चरण में 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जाता है। समय पर भुगतान करने वाले उद्यमी दूसरे चरण में 10 लाख रुपये तक की परियोजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।