अम्बेडकरनगर में अब बिना पंजीकरण नहीं चलेंगे कोचिंग और लाइब्रेरी, बेसमेंट में संचालन पर पूरी तरह रोक

06 Jul 2026

अम्बेडकरनगर जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब सभी संस्थानों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा, जबकि बेसमेंट में किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा और छात्रों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई नए मानकों का पालन करना भी अनिवार्य होगा।

इन निर्देशों की जानकारी जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान जनपद के कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों को दी गई। कार्यशाला में शासन की नई व्यवस्था के तहत पंजीकरण प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों और संस्थानों के संचालन से जुड़े दिशा-निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग संस्थान संचालित नहीं किए जा सकेंगे। वर्तमान में यदि कोई संस्थान बेसमेंट में संचालित हो रहा है, तो उसे निर्धारित नियमों के अनुरूप किसी अन्य उपयुक्त भवन में स्थानांतरित करना होगा। यह निर्देश विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं। प्रशासन ने संचालकों से समय रहते आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक कोचिंग संस्थान में पर्याप्त प्रकाश और वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल, फर्स्ट एड, सीसीटीवी कैमरे तथा छात्र और छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही भवन सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पालन करना भी आवश्यक होगा।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिन भवनों का नक्शा आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत है और उनमें कोचिंग संस्थान संचालित किए जा रहे हैं, उन्हें नियमानुसार इंपैक्ट फीस जमा कराकर व्यावसायिक उपयोग के अनुरूप भवन की स्वीकृति प्राप्त करनी होगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि नौ मीटर से कम ऊंचाई और 500 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले भवनों के लिए अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि ऐसे प्रत्येक 100 वर्गमीटर क्षेत्रफल पर छह-छह किलोग्राम क्षमता वाले दो एबीसी अग्निशामक यंत्र लगाना अनिवार्य रहेगा। प्रशासन ने संचालकों से निर्धारित मानकों के अनुसार अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए हैं।

नई व्यवस्था के तहत कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण छात्र संख्या के आधार पर किया जाएगा।

पंजीकरण की वैधता तीन वर्ष निर्धारित की गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि किसी संस्थान की एक से अधिक शाखाएं संचालित हैं, तो प्रत्येक शाखा का अलग-अलग पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सभी शाखाओं में निर्धारित सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं के मानकों का पालन करना होगा।

हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सामने आने के बाद कई राज्यों ने सुरक्षा मानकों को लेकर नियमों को सख्त किया है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार की नई व्यवस्था के तहत जनपद स्तर पर भी पंजीकरण प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में संबंधित विभागों के अधिकारी, कोचिंग संस्थानों के संचालक और लाइब्रेरी संचालक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अधिकारियों ने संचालकों को नई व्यवस्था के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए समयबद्ध तरीके से उनका अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।