>मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में 9 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए Coldrif कफ सिरप की बिक्री पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
>सीएम ने बताया कि यह सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित फैक्ट्री में निर्मित होता है। घटना के तुरंत बाद मध्यप्रदेश सरकार ने तमिलनाडु सरकार से जांच रिपोर्ट मांगी थी। 3 अक्टूबर 2025 को आई रिपोर्ट में पाया गया कि DEG (डाईएथिलीन ग्लाइकॉल) की मात्रा अनुमेय सीमा से अधिक थी। इसी आधार पर राज्य सरकार ने न केवल Coldrif सिरप बल्कि कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
>सरकार ने छिंदवाड़ा में स्थानीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है, वहीं राज्य स्तर पर विशेष जांच टीम गठित की गई है। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है। मंत्रालय के अनुसार, देशभर में 19 दवा निर्माण इकाइयों पर “Risk-Based Inspection” अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों और आम नागरिकों तक घटिया गुणवत्ता वाली दवाएं न पहुंचे।
>ICMR, AIIMS नागपुर, CDSCO और NEERI जैसे संस्थानों की विशेषज्ञ टीम छिंदवाड़ा और आसपास के इलाकों में पहुंच चुकी है। यह टीम बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है और संभावित लापरवाहियों की पड़ताल कर रही है।
>