सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद पत्नी ने उठाए सवाल, लखनऊ में पार्थिव शरीर रोककर किया प्रदर्शन

07 Aug 2026

मणिपुर में तैनात सीआरपीएफ की 112वीं बटालियन के जवान विनीत कुमार सिंह सिकरवार (37) की मौत के बाद शुक्रवार को लखनऊ में उनके परिजनों ने पार्थिव शरीर के साथ प्रदर्शन किया। अमौसी हवाई अड्डे से हरदोई ले जाए जा रहे पार्थिव शरीर को बुद्धेश्वर चौराहे पर रोककर परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के कारण करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।

जवान की पत्नी नेहा सिंह ने पति की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उनके अनुसार, विनीत पिछले कुछ दिनों से फोन पर बुखार और पैर में दर्द की शिकायत कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी ड्यूटी जारी रही।

नेहा सिंह का कहना है कि घटना वाली रात पति ने फोन कर बताया था कि उनकी तबीयत पहले से बेहतर है और वह ड्यूटी पर जा रहे हैं। बाद में उन्हें सूचना मिली कि विनीत घायल हो गए हैं और उनकी हालत गंभीर है। इसके बाद उनकी मृत्यु की जानकारी दी गई।

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प्रदर्शन के दौरान नेहा सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

परिजनों का कहना है कि विनीत कुमार सिंह सिकरवार के शरीर पर तीन गोली लगने के निशान थे। इसी आधार पर उन्होंने मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों ने कहा कि जब तक मामले की पूरी जांच नहीं होती और मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट नहीं होतीं, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करना चाहते।

शुक्रवार तड़के पार्थिव शरीर विमान से लखनऊ पहुंचा था। वहां से उसे हरदोई ले जाया जा रहा था। इसी दौरान बुद्धेश्वर चौराहे पर परिजनों ने वाहन रोक दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। जवान की पत्नी समेत परिवार की कई महिलाएं पार्थिव शरीर वाली गाड़ी के सामने बैठ गईं। प्रदर्शन के दौरान दोबारा पोस्टमार्टम और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई गई।

सूचना मिलने पर अपर पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त काकोरी तथा पारा, काकोरी और आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उनकी मांगों पर चर्चा की। करीब दो घंटे तक चली वार्ता के बाद पुलिस के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ और पार्थिव शरीर को आगे हरदोई के लिए रवाना किया गया।

प्रदर्शन के चलते बुद्धेश्वर चौराहे और आसपास के मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त होने के बाद यातायात को सामान्य कराया।

विनीत कुमार सिंह सिकरवार हरदोई जिले के कोथावां क्षेत्र की ग्राम पंचायत पुरवाबाजीराव के निवासी थे। वह स्वर्गीय देशराज सिंह सिकरवार के सबसे छोटे पुत्र थे। वर्तमान में उनकी तैनाती मणिपुर में सीआरपीएफ की 112वीं बटालियन में थी। उनकी मृत्यु की सूचना गांव पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने शोक व्यक्त किया। कई लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।