‘PDA’ पर दानिश आजाद अंसारी का सपा पर निशाना, बोले- ‘पराया धन अपना’ की राजनीति

06 Sep 2026

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के ‘PDA’ नारे को लेकर पार्टी पर निशाना साधा है। लखनऊ में दिए बयान में उन्होंने सपा के राजनीतिक नारे की अलग व्याख्या करते हुए इसे ‘पराया धन अपना’ से जोड़ा। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के वर्ष 2012 से 2017 तक के उत्तर प्रदेश शासनकाल का हवाला देते हुए सरकारी संपत्तियों, जमीन, सरकारी नौकरियों और विकास कार्यों के टेंडर को लेकर कई आरोप लगाए।

दानिश आजाद अंसारी ने अपने बयान में सपा के तत्कालीन शासन पर लूट, वसूली और भ्रष्टाचार जैसे आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल को देखते हुए ‘PDA’ की एक अलग व्याख्या सामने आती है। हालांकि, ये सभी बातें मंत्री द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

समाजवादी पार्टी की राजनीति में ‘PDA’ एक प्रमुख राजनीतिक शब्द है। सपा के संदर्भ में ‘PDA’ का इस्तेमाल आम तौर पर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के लिए किया जाता है। पार्टी इस शब्द का इस्तेमाल अपने सामाजिक और राजनीतिक समीकरण को व्यक्त करने के लिए करती रही है।

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इसी ‘PDA’ को लेकर दानिश आजाद अंसारी ने सपा पर राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रभारी ने PDA का अर्थ ‘पराया धन अपना’ बताया है। मंत्री के मुताबिक, इस व्याख्या के पीछे सपा के शासनकाल और उस दौरान की गई कथित गतिविधियों का संदर्भ है। दानिश आजाद ने अपने बयान में इस दावे को वर्ष 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में रही सपा सरकार से जोड़ते हुए कई आरोप लगाए।

मंत्री ने सपा के पिछले शासनकाल का उल्लेख करते हुए सरकारी संपत्तियों और जमीन से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान सरकारी संपत्तियों पर कब्जे किए गए और गरीबों की जमीन पर भी कथित तौर पर नजर रखी गई।

दानिश आजाद ने कहा कि उस समय सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण और कब्जे की शिकायतें सामने आती रही थीं। उन्होंने गरीबों की जमीन और संपत्तियों को कथित रूप से कब्जाने के प्रयास का भी आरोप लगाया।

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मंत्री ने इन आरोपों को तत्कालीन शासन व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि सत्ता का इस्तेमाल जनता के हित के बजाय राजनीतिक संरक्षण के लिए किया गया। हालांकि, उपलब्ध बयान में इन आरोपों के समर्थन में किसी विशेष मामले, स्थान या दस्तावेज का उल्लेख नहीं किया गया है।

दानिश आजाद अंसारी ने सरकारी जमीनों को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाए। उनके मुताबिक, सपा सरकार के दौरान सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण और कब्जे की शिकायतें सामने आती रही थीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों की जमीन और संपत्तियों को भी कथित तौर पर कब्जाने का प्रयास किया गया। मंत्री ने इस पूरे मुद्दे को ‘PDA’ की अपनी राजनीतिक व्याख्या से जोड़ते हुए सपा के शासनकाल पर सवाल उठाए। यह आरोप मंत्री के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। उपलब्ध जानकारी में किसी विशिष्ट जमीन, संपत्ति या मामले का विवरण नहीं दिया गया है।

दानिश आजाद ने सपा सरकार के दौरान सरकारी नौकरियों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उस समय सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया पर सवाल उठे थे और नौकरियां बेचने जैसी स्थिति पैदा हुई थी।

मंत्री ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सपा शासन पर निशाना साधा। उन्होंने अपने बयान में इसे तत्कालीन शासन व्यवस्था की आलोचना के एक प्रमुख आधार के रूप में पेश किया।

हालांकि, उपलब्ध सामग्री में किसी विशेष भर्ती परीक्षा, विभाग, नियुक्ति या मामले का नाम नहीं दिया गया है। इसलिए बयान में लगाए गए आरोपों का विवरण इन्हीं दावों तक सीमित है।

दानिश आजाद अंसारी ने विकास कार्यों के ठेकों और टेंडर वितरण को लेकर भी समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सपा शासन के दौरान विकास कार्यों के टेंडर कथित तौर पर मनमाने तरीके से बांटे गए।

मंत्री के अनुसार, इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता और प्रशासन के बीच ऐसी व्यवस्था बन गई थी, जिसमें आम लोगों की बजाय प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचा। टेंडर से जुड़े इन आरोपों के संबंध में भी उपलब्ध बयान में किसी विशिष्ट परियोजना, ठेके या निविदा का विवरण नहीं दिया गया है।

दानिश आजाद ने सपा के वर्ष 2012 से 2017 के शासनकाल पर लूट, वसूली और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने तत्कालीन शासन व्यवस्था को लेकर अपनी आलोचना में सरकारी संपत्तियों, जमीन, नौकरियों और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया।

मंत्री ने इन आरोपों को सपा के शासनकाल के कामकाज से जोड़ते हुए कहा कि उस दौर की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए ‘PDA’ की अलग व्याख्या की जा सकती है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह बयान राजनीतिक आरोपों के संदर्भ में दिया गया है। इसमें आरोपों के समर्थन में अलग से कोई दस्तावेज या जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की जानकारी नहीं है।

सपा पर आरोप लगाने के साथ ही दानिश आजाद अंसारी ने मौजूदा भाजपा सरकार की नीतियों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।

मंत्री के अनुसार, सरकार की प्राथमिकताओं में कानून व्यवस्था को मजबूत करना, सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखना और विकास कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना शामिल है।

उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ बोलने से पहले समाजवादी पार्टी को अपने शासनकाल का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘PDA’ समाजवादी पार्टी के प्रमुख राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रहा है। सपा के अनुसार इसका अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक है। पार्टी अपने राजनीतिक अभियान में इस सामाजिक समूह को महत्वपूर्ण आधार के रूप में प्रस्तुत करती रही है।

दूसरी ओर, दानिश आजाद अंसारी ने इसी संक्षिप्त रूप की अलग राजनीतिक व्याख्या पेश करते हुए इसे ‘पराया धन अपना’ से जोड़ा। इस तरह उनके बयान का मुख्य केंद्र सपा का ‘PDA’ नारा और वर्ष 2012 से 2017 के शासनकाल को लेकर लगाए गए आरोप रहे।

दानिश आजाद के बयान में सपा शासन से जुड़े कई अलग-अलग मुद्दों का उल्लेख किया गया। इनमें सरकारी जमीन और संपत्तियों पर कथित कब्जे, गरीबों की जमीन से जुड़े आरोप, सरकारी नौकरियों में कथित अनियमितता और विकास कार्यों के टेंडर में कथित मनमानी शामिल है।

मंत्री ने इन सभी मुद्दों को तत्कालीन शासन व्यवस्था से जोड़ते हुए सपा पर राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने मौजूदा भाजपा सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए भ्रष्टाचार और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई तथा विकास कार्यों में पारदर्शिता को सरकार की प्राथमिकता बताया।