दशहरा से दिवाली तक इन 7 गलतियों से रहें दूर...

04 Oct 2025


>अक्टूबर 2025 का महीना उत्तर भारत में विशेष महत्व रखता है। दशहरा बीत चुका है और अब करवा चौथ, शरद पूर्णिमा, छठ, दीवाली, भाई दूज, धनतेरस और वाल्मीकि जयंती जैसे कई महत्वपूर्ण पर्व आने वाले हैं। यह समय न केवल उत्सवों और खुशियों का है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील माना जाता है।


>प्राचीन धार्मिक ग्रंथ और शास्त्र यह बताते हैं कि दशहरा से दिवाली तक की अवधि दिव्य ऊर्जा और सकारात्मक शक्ति से भरपूर होती है। यही समय होता है जब इंसान की आभा और ऊर्जा सबसे अधिक संवेदनशील होती है। इस दौरान न केवल अच्छे कर्मों से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, बल्कि नकारात्मक शक्तियों, तंत्र-मंत्र और काला जादू के प्रभाव का खतरा भी बढ़ जाता है।


>इसलिए विशेषज्ञ और संत हमेशा इस अवधि में कुछ सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। ये सावधानियां न केवल आपकी ऊर्जा को सुरक्षित रखेंगी, बल्कि आपके मन और परिवार में भी सकारात्मक वातावरण बनाएंगी।


>दशहरा से दिवाली तक बरतें ये 7 सावधानियां


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  1. नींबू और राख को न छुएं:
    घर के बाहर पड़ा नींबू या राख कभी भी हाथ से न उठाएं। यह नकारात्मक ऊर्जा का साधन बन सकता है।

  2. सिक्के न उठाएं:
    सड़कों या मंदिरों पर फेंके गए सिक्के उठाना भी इस अवधि में अशुभ माना जाता है।

  3. अनजान लोगों से प्रसाद न लें:
    इस समय किसी अजनबी से मिठाई या प्रसाद स्वीकार करने से बचें। यह आपकी आभा पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

  4. जूते और चप्पल रातभर बाहर न छोड़ें:
    रात के समय घर के बाहर जूते-चप्पल छोड़ना अशुभ माना जाता है। इससे घर में ऊर्जा का अवरोध हो सकता है।

  5. गांठदार धागे और अजीब कपड़े बाहर फेंक दें:
    यदि घर में किसी अनजाने वस्त्र या धागे दिखाई दें, तो उन्हें तुरंत बाहर फेंक दें। यह नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा का एक तरीका है।

  6. रात में झाड़ू बाहर न रखें:
    रात में झाड़ू को बाहर रखना अशुभ माना जाता है। यह घर की सकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर सकता है।

  7. टूटे बालों को संभालकर फेंकें:
    घर में बालों के गुच्छे जमा न होने दें। टूटे बालों को ऐसे स्थान पर फेंकें जहां किसी की नजर न पड़े।


>इन सावधानियों के साथ-साथ इस अवधि में अच्छे कर्म और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। घर में पूजा, दान और सत्कर्म करने से न केवल आपकी ऊर्जा सुरक्षित रहती है, बल्कि परिवार और समाज में भी सकारात्मक माहौल बनता है। दशहरा से दिवाली तक के इस पर्वमास में अपने मन और घर को सकारात्मक ऊर्जा से भरें। सत्कर्म और पूजा-पाठ के साथ-साथ इन सुरक्षा उपायों को अपनाकर न केवल आप नकारात्मक शक्तियों से बचेंगे, बल्कि अपने जीवन में खुशियों और सफलता की ऊर्जा भी बढ़ाएंगे।


>Disclaimer: यहां सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि  NDVToday किसी भी तरह की मान्यता या ऐसी  जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को मानने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.