स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली में 37 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। अखिल भारत हिंदू महासभा, दिल्ली प्रदेश के सौजन्य से आयोजित इस यात्रा के संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतगुरु सनातन सम्राट स्वामी चक्रपाणि जी महाराज के सानिध्य में किया गया।
करीब पांच घंटे चली इस यात्रा में क्षेत्रवासियों और आम नागरिकों की भागीदारी रही। यात्रा का नेतृत्व एवं मार्गदर्शन अखिल भारत हिंदू महासभा के दिल्ली प्रदेश प्रभारी विजय कृष्ण पांडेय ने किया, जबकि राष्ट्रीय लेखक डॉ. आर. एस. डबास (सूर्या दादा) को कार्यक्रम का आयोजक एवं संयोजक बताया गया।
आयोजकों के अनुसार तिरंगा यात्रा यूईआर-2, बरवाला से शुरू हुई। इसके बाद यात्रा पूठ खुर्द, बवाना, दरियापुर, कुतुबगढ़, कटेवड़ा और बाजितपुर होते हुए दादा साध मंदिर, पूठ खुर्द पहुंची। इस पूरे मार्ग की दूरी करीब 37 किलोमीटर रही। यात्रा के समापन के लिए दादा साध मंदिर को निर्धारित किया गया था, जहां पहुंचने के बाद कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया। यात्रा के मार्ग में दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों के कई हिस्से शामिल रहे। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों की मौजूदगी और स्वागत की जानकारी आयोजन समिति की ओर से दी गई।
यात्रा के विभिन्न पड़ावों और मार्ग में आने वाले गांवों में स्थानीय ग्रामीणों ने तिरंगा यात्रा का स्वागत किया। आयोजकों के अनुसार कई स्थानों पर फूलों की वर्षा, जयघोष और अन्य स्वागत कार्यक्रम किए गए। यात्रा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का उत्साह देखने को मिला। आयोजन समिति ने इसे कार्यक्रम के महत्वपूर्ण हिस्सों में शामिल किया।यात्रा जिन इलाकों से होकर गुजरी, उनमें पूठ खुर्द, बवाना, दरियापुर, कुतुबगढ़, कटेवड़ा और बाजितपुर प्रमुख रूप से शामिल रहे।
37 किलोमीटर लंबी यात्रा के आयोजन को लेकर आयोजकों ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन के सहयोग की सराहना की। यात्रा को सुगम, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में पुलिस तथा प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण रही। आयोजन समिति की ओर से एसीपी बवाना, थाना बवाना के थाना प्रभारी, थाना कंझावला के थाना प्रभारी तथा पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद और आभार व्यक्त किया गया। यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और त्वरित सहयोग के लिए संबंधित अधिकारियों के प्रति आयोजन समिति ने आभार जताया।
आयोजन से जुड़े मुख्य अतिथि विजय कृष्ण पांडेय ने कहा, “यह तिरंगा यात्रा देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र सम्मान का ऐतिहासिक अध्याय है।” उन्होंने तिरंगे के सम्मान और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी की बात कही।
विजय कृष्ण पांडेय ने यात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले कार्यकर्ताओं, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने वरुण बठला, संजय कुमार, सत्यप्रकाश, रामचंद्र चौधरी, तुषार और विजय भारद्वाज (दरियापुर) सहित अन्य सहयोगियों के योगदान का उल्लेख किया।
आयोजन समिति के अनुसार 37 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा करीब पांच घंटे तक चली। यात्रा के निर्धारित मार्ग और विभिन्न पड़ावों के कारण कार्यक्रम को कई चरणों में पूरा किया गया। यात्रा के दौरान क्षेत्रवासियों और आम नागरिकों के उत्साह का उल्लेख किया गया है। आयोजकों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा अपने निर्धारित मार्ग से होते हुए पूठ खुर्द स्थित दादा साध मंदिर पहुंची। यहीं पर 37 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा का विधिवत समापन किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने दादा साध मंदिर में प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद आयोजन समाप्त हुआ।
तिरंगा यात्रा का मार्ग इस प्रकार रहा: यूईआर-2, बरवाला → पूठ खुर्द → बवाना → दरियापुर → कुतुबगढ़ → कटेवड़ा → बाजितपुर → दादा साध मंदिर, पूठ खुर्द। इस मार्ग के माध्यम से यात्रा ने दिल्ली के कई ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ा।