दिल्ली के द्वारका जिले में एक 18 वर्षीय दिव्यांग युवक के लापता होने के मामले में पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर उसे सकुशल तलाश कर उसके परिवार से मिला दिया। इस खोज अभियान में युवक की एक आदत सड़क किनारे चाय पीने का शौक पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुई। त्वरित कार्रवाई के तहत चलाए गए खोज अभियान के बाद युवक को सुरक्षित बरामद कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसके पिता को सौंप दिया गया।
पुलिस के अनुसार घटना 27 और 28 जून की दरमियानी रात की है। सेक्टर-6 निवासी एक व्यक्ति अपने 18 वर्षीय दिव्यांग बेटे के लापता होने की सूचना लेकर आधी रात को सेक्टर-10 पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने पुलिस को युवक का हुलिया, पहने हुए कपड़ों का विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए द्वारका साउथ थाना पुलिस ने 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत तत्काल खोज अभियान शुरू किया। यह अभियान थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह और एसीपी किशोर कुमार रेवाला के निर्देशन में चलाया गया।.
तलाश के लिए सेक्टर-10 पुलिस चौकी प्रभारी एसआई रजत मलिक, हेड कॉन्स्टेबल मुकेश कुमार कुलदीप और हेड कॉन्स्टेबल नरेंद्र अहलावत सहित पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर युवक की संभावित लोकेशन का आकलन करते हुए खोज अभियान को आगे बढ़ाया।
तलाशी अभियान के दौरान युवक के पिता द्वारा दी गई एक जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा जब भी घर से बाहर निकलता था, तो अक्सर सड़क किनारे चाय की दुकानों पर रुककर चाय पीता था।
इसी सूचना को आधार बनाकर पुलिस ने अपने खोज अभियान का दायरा उन स्थानों तक बढ़ाया जहां चाय की दुकानें अधिक थीं। स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई गई और आसपास के संभावित इलाकों में लगातार तलाश की गई।
पुलिस टीम ने आसपास के रिहायशी क्षेत्रों, सार्वजनिक पार्कों, बस स्टैंड, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक स्तर पर खोज अभियान चलाया। लगातार प्रयासों के बाद कुछ ही घंटों में पुलिस ने युवक को सकुशल खोज लिया।
इसके बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं और पहचान संबंधी सत्यापन पूरा किया गया। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद युवक को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
अपने बेटे के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। युवक के पिता ने त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के साथ खोज अभियान चलाने के लिए द्वारका जिला पुलिस का आभार व्यक्त किया।