पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में शुक्रवार शाम एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी से 16.50 लाख रुपये की लूट की वारदात ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। नकदी का कलेक्शन लेकर कार्यालय पहुंचे कर्मचारी को कंपनी के गेट पर ही दो स्कूटी सवार बदमाशों ने पिस्तौल दिखाकर रोक लिया और नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार वारदात गांधी नगर थाना क्षेत्र की राजगढ़ कॉलोनी में हुई। पीड़ित कर्मचारी विभिन्न स्थानों से कलेक्शन कर शुक्रवार शाम अपने कार्यालय पहुंचा था। जैसे ही वह बाइक से उतरकर कार्यालय के गेट की ओर बढ़ा, पीछे से लाल रंग की स्कूटी पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और उसके हाथ में मौजूद बैग छीनने का प्रयास करने लगे।
जानकारी के मुताबिक कर्मचारी ने बैग बचाने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान एक बदमाश ने उस पर पिस्तौल तान दी। हथियार देखकर कर्मचारी घबरा गया और बैग छोड़ दिया। इसके बाद दोनों आरोपी नकदी से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार राजगढ़ कॉलोनी स्थित एसडी एंटरप्राइजेज नामक फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी आशीष सरीन विभिन्न क्षेत्रों से नकदी का कलेक्शन करने के बाद कार्यालय पहुंचा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसके बैग में करीब 16.50 लाख रुपये की नकदी थी।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों को कर्मचारी के पास इतनी बड़ी रकम होने की जानकारी पहले से थी या उन्होंने रास्ते में उसकी गतिविधियों पर नजर रखी थी।
घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें लाल स्कूटी पर पहुंचे दोनों बदमाश कर्मचारी के कार्यालय पहुंचने के कुछ ही सेकंड बाद वारदात को अंजाम देते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज के अनुसार घटना शाम करीब चार बजकर नौ मिनट की है।
वीडियो में एक आरोपी हेलमेट पहने दिखाई देता है, जबकि दूसरा बिना हेलमेट के नजर आता है। पुलिस अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है, ताकि स्कूटी का नंबर और आरोपियों के भागने का रास्ता पता लगाया जा सके।
शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त आर.पी. मीणा ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि वारदात में किसी परिचित व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपियों ने कर्मचारी की पहले से रेकी की थी। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास जारी है।