हरू प्लेस नो-वेंडिंग जोन घोषित, 12 अक्टूबर बाद अनधिकृत वेंडरों पर कार्रवाई

06 Oct 2026

दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल नेहरू प्लेस में वेंडिंग और हॉकिंग को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर दिल्ली हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने क्षेत्र में वेंडिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए अधिकृत और अनधिकृत वेंडरों के बीच अंतर को लेकर भी निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में बड़ी संख्या में वेंडरों के मौजूद होने की जानकारी रखी गई। इसके बाद अदालत ने वेंडिंग क्षेत्र और अनधिकृत वेंडरों को लेकर अपनी व्यवस्था स्पष्ट की।

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दिल्ली हाई कोर्ट ने नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर इलाके को नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि नेहरू प्लेस में केवल उस क्षेत्र में वेंडिंग की अनुमति होगी जिसे इसके लिए चिह्नित किया गया है। चिह्नित क्षेत्र के बाहर डिस्ट्रिक्ट सेंटर में वेंडिंग को अवैध माना जाएगा। यह आदेश नेहरू प्लेस में हॉकिंग और वेंडिंग से जुड़े विवाद की सुनवाई के दौरान दिया गया।

हाई कोर्ट ने एमसीडी को 12 अक्टूबर के बाद नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में अनधिकृत वेंडरों को हटाने और आवश्यक कार्रवाई करने की अनुमति दी है। इसका अर्थ है कि अदालत द्वारा तय समयसीमा के बाद नगर निगम क्षेत्र में अनधिकृत रूप से सामान बेचने वाले वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई कर सकेगा। अदालत ने वेंडिंग क्षेत्र के बाहर सामान बेचने की गतिविधियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है।

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हाई कोर्ट ने 90 वेंडरों के लिए पास में एक वैकल्पिक जगह से वेंडिंग करने की अनुमति दी है। अदालत ने कहा कि टाउन वेंडिंग कमेटी-दो के गठन के बाद यह तय किया जाना चाहिए कि संबंधित वेंडर वेंडिंग प्रमाणपत्र के हकदार हैं या नहीं। इस व्यवस्था के तहत 90 वेंडरों को 12 अक्टूबर से पास की वैकल्पिक जगह पर वेंडिंग करने की अनुमति दी गई है। हालांकि, वैकल्पिक स्थान पर वेंडिंग का अधिकार स्थायी रूप से तय नहीं किया गया है। अदालत ने इस संबंध में आगे की प्रक्रिया टाउन वेंडिंग कमेटी-दो से पूरी करने को कहा है।

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अदालत के निर्देश के अनुसार टाउन वेंडिंग कमेटी-दो यह तय करेगी कि 90 वेंडर वेंडिंग प्रमाणपत्र पाने के योग्य हैं या नहीं। यदि संबंधित वेंडर वेंडिंग के लिए पात्र पाए जाते हैं तो यह भी तय किया जाएगा कि उन्हें किस इलाके में वेंडिंग की अनुमति दी जाएगी। अदालत ने इसके लिए कमेटी के गठन के दो महीने के भीतर निर्णय लेने की बात कही है। कमेटी को स्ट्रीट वेंडर्स से संबंधित कानून के तहत लिए गए निर्णय की जानकारी उन वेंडरों को भी देनी होगी जिन्हें वैकल्पिक स्थान पर वेंडिंग की अनुमति दी गई है।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में वर्तमान में 400 से अधिक वेंडर सामान बेच रहे हैं। अदालत के सामने रखी गई जानकारी के अनुसार इनमें से अधिकांश के पास वेंडिंग की मंजूरी नहीं है और केवल 90 वेंडर अधिकृत हैं। इसी आधार पर अदालत ने स्पष्ट किया कि 90 अधिकृत वेंडरों के अलावा अन्य वेंडरों के पास नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में सामान बेचने का वैध अधिकार नहीं है।

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर में केवल वेंडिंग के लिए चिह्नित क्षेत्र में ही वेंडिंग की जा सकती है। इसके अलावा पूरे डिस्ट्रिक्ट सेंटर में वेंडिंग करना अवैध होगा। अदालत ने इस व्यवस्था को नेहरू प्लेस में वेंडिंग और हॉकिंग से जुड़े विवाद के संदर्भ में स्पष्ट किया है।

अदालत ने अनधिकृत वेंडरों को हटाने के बाद दिल्ली फायर सर्विस को नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। फायर सर्विस को निरीक्षण के बाद अनुपालन रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करनी होगी। इस निर्देश का उद्देश्य अनधिकृत वेंडरों को हटाए जाने के बाद क्षेत्र की स्थिति और अदालत के निर्देशों के अनुपालन की जानकारी अदालत तक पहुंचाना है।

यह मामला नेहरू प्लेस में वेंडिंग और हॉकिंग से संबंधित विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई से जुड़ा था। इनमें फेडरेशन ऑफ नेहरू प्लेस एसोसिएशन सहित अन्य पक्ष शामिल थे। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की पीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत के निर्देशों के बाद संबंधित याचिकाओं का निपटारा कर दिया गया।

नेहरू प्लेस में वेंडिंग से जुड़ा विवाद नया नहीं है। मामले की पृष्ठभूमि 2009 के एक फैसले से जुड़ी हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2009 में शुरुआत में 67 वेंडरों को नेहरू प्लेस के एक निर्धारित क्षेत्र में सामान बेचने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद नेहरू प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर को नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित करने से संबंधित न्यायिक आदेश सामने आए।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को यह भी बताया गया कि हाई कोर्ट द्वारा नेहरू प्लेस को नो-हॉकिंग और नो-वेंडिंग जोन घोषित किए जाने के निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप नहीं किया था। इसके बाद हाई कोर्ट ने वर्तमान कार्यवाही में वेंडिंग क्षेत्र, अधिकृत वेंडरों और अनधिकृत वेंडरों से संबंधित स्थिति को स्पष्ट किया।

हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि नेहरू प्लेस में हॉकर्स और वेंडरों की मौजूदगी कई वर्षों से विवाद का गंभीर विषय रही है। अदालत के सामने यह भी जानकारी रखी गई कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में वेंडर सामान बेच रहे हैं, जबकि अधिकृत वेंडरों की संख्या 90 है। अदालत के निर्देशों के अनुसार अब अनधिकृत वेंडरों को हटाने की प्रक्रिया 12 अक्टूबर के बाद शुरू की जा सकती है।

90 वेंडरों को फिलहाल पास की वैकल्पिक जगह पर वेंडिंग की अनुमति दी गई है। इसके बाद उनकी पात्रता और वेंडिंग प्रमाणपत्र के अधिकार का फैसला टाउन वेंडिंग कमेटी-दो करेगी। यदि कमेटी उन्हें पात्र पाती है तो उनके लिए वेंडिंग का क्षेत्र भी निर्धारित किया जाएगा। अदालत ने कमेटी को गठन के दो महीने के भीतर इस प्रक्रिया पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

हाई कोर्ट ने टाउन वेंडिंग कमेटी-दो को निर्देश दिया है कि वह स्ट्रीट वेंडर्स से संबंधित कानून के तहत लिए गए अपने निर्णय की जानकारी संबंधित वेंडरों को दे। इससे 90 वेंडरों को यह स्पष्ट होगा कि वे वेंडिंग प्रमाणपत्र के लिए पात्र हैं या नहीं और यदि पात्र हैं तो उन्हें किस क्षेत्र में वेंडिंग की अनुमति दी जाएगी।