नई दिल्ली। दिल्ली में सड़क निर्माण और उसकी गुणवत्ता को लेकर लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने नई सड़कों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के मामलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि निर्माणाधीन या नई बनी सड़कों को जानबूझकर उखाड़कर नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी उन्होंने विभाग की व्यवस्था और निगरानी प्रक्रिया का उल्लेख किया है।
सड़क निर्माण को लेकर यह मामला उस समय चर्चा में आया, जब तिलक नगर में सड़क निर्माण के दौरान लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा और आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के बीच विवाद हुआ। सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद मौके पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। इसके बाद नई सड़कों को नुकसान पहुंचाने और ऐसे मामलों के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर साझा किए जाने का मुद्दा भी सामने आया।
लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा है कि नई बनी सड़कों को जानबूझकर उखाड़कर नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत की जाएगी। ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के अनुसार, कुछ लोग नई बनी सड़कों को उखाड़ने या उन्हें नुकसान पहुंचाने के वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर डाल रहे हैं। इन मामलों को लेकर लोक निर्माण विभाग की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई है। इस निर्देश का केंद्र सड़क को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कार्रवाई है। विभाग की ओर से ऐसे मामलों में पुलिस शिकायत और उसके बाद प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही गई है।
लोक निर्माण मंत्री ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट का भी प्रविधान है। इसका उल्लेख सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच और निगरानी की व्यवस्था के संदर्भ में किया गया है। मंत्री ने लोगों से सड़क की गुणवत्ता को लेकर घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही। उनके अनुसार, सड़कों का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार कराया जाएगा। इससे सड़क निर्माण के दो अलग-अलग पहलू सामने आते हैं। एक तरफ नई सड़कों की गुणवत्ता की निगरानी की व्यवस्था की बात कही गई है, वहीं दूसरी तरफ जानबूझकर सड़क को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की बात कही गई है।
प्रवेश वर्मा ने नई सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, उनके रखरखाव की जिम्मेदारी पांच साल तक संबंधित ठेकेदार की होगी। इस व्यवस्था के अनुसार सड़क निर्माण के बाद उसके रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार के पास रहेगी। मंत्री ने कहा कि ऐसे में सड़क की गुणवत्ता और उसके रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार की है। सड़क निर्माण के संदर्भ में यह प्रावधान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि निर्माण और उसके बाद के रखरखाव को एक ही जिम्मेदारी के दायरे में रखा गया है। मंत्री ने इसी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए सड़क की गुणवत्ता को लेकर लोगों को आश्वस्त किया।
यह पूरा मामला तिलक नगर में सड़क निर्माण के दौरान हुए विवाद के बाद चर्चा में आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा और आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के बीच विवाद हुआ था। विधायक ने सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद मौके पर हंगामा हुआ और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। सड़क की गुणवत्ता से जुड़े सवालों के बीच मंत्री की ओर से निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं करने और गुणवत्ता की निगरानी के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था का उल्लेख किया गया। इसी संदर्भ में नई बनी सड़कों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने के मामलों पर भी कार्रवाई की बात सामने आई है।
मंत्री ने कहा कि कुछ लोग नई बनी सड़कों को उखाड़ने और उन्हें नुकसान पहुंचाने के वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर डाल रहे हैं। इन मामलों में लोक निर्माण विभाग की ओर से पुलिस में शिकायत किए जाने की जानकारी दी गई है। ऐसे मामलों में विभाग की ओर से पुलिस शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कराने और कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। यह निर्देश विशेष रूप से उन मामलों से संबंधित है, जिनमें सड़क को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की बात सामने आती है। उपलब्ध जानकारी में इस तरह के मामलों की संख्या, संबंधित लोगों की पहचान या पुलिस कार्रवाई की वर्तमान स्थिति का कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
इस मामले में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और नई सड़क को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का मुद्दा अलग-अलग स्तर पर सामने आया है। सड़क निर्माण की गुणवत्ता के संबंध में मंत्री ने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार निर्माण कराने की बात कही है। साथ ही गुणवत्ता की निगरानी के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। दूसरी ओर, नई सड़क को जानबूझकर उखाड़ने या नुकसान पहुंचाने के मामलों में पुलिस शिकायत और प्राथमिकी की कार्रवाई की बात कही गई है। इस तरह उपलब्ध जानकारी के अनुसार विभाग की ओर से सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी और सड़क को नुकसान पहुंचाने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई, दोनों पर अलग-अलग व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।
प्रवेश वर्मा ने सड़क निर्माण के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी को लेकर भी स्पष्ट जानकारी दी। उनके अनुसार, निर्माण की जा रही सड़कों का रखरखाव पांच साल तक संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी होगी। मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के तहत सड़क की गुणवत्ता और उसके रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार की है। इस बयान के साथ सड़क निर्माण के बाद की जिम्मेदारी का दायरा भी स्पष्ट किया गया है। सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता और निर्माण के बाद पांच साल तक रखरखाव से संबंधित जिम्मेदारी का उल्लेख मंत्री ने किया।
प्रवेश वर्मा ने लोगों से सड़क की गुणवत्ता को लेकर घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट के प्रावधान का उल्लेख किया। इस व्यवस्था के जरिए सड़क निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, नई सड़क को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ पुलिस शिकायत और प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।