पूर्वी दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा से मुख्य सप्लायर देबा मांडी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में 22 किलो 450 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी अवैध बाजार में कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। गांजे की ढुलाई में इस्तेमाल की जा रही एक मारुति सियाज कार भी जब्त की गई है।
पुलिस के मुताबिक, तीन जून को गाजीपुर इलाके से गाजियाबाद निवासी सोनू कुमार को गिरफ्तार किया गया था। उसकी कार से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ था। पूछताछ के दौरान सोनू कुमार ने बताया कि वह ओडिशा के मलकानगिरि निवासी देबा मांडी से गांजा खरीदकर दिल्ली-एनसीआर में इसकी सप्लाई करता था।
यह खबर भी पढ़े - दिल्ली में अब इन वाहनों को नहीं मिलेगा फ्यूल, नवंबर से पार्किंग शुल्क भी होगा दोगुना
सोनू कुमार से मिली जानकारी के आधार पर एंटी नारकोटिक्स स्क्वॉड ने तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने कई जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और लगातार पीछा किया। 17 जून को पुलिस ने ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा से मुख्य सप्लायर देबा मांडी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जंगलों में गांजे की खेती करता था और वहीं से इसकी आपूर्ति अलग-अलग राज्यों में की जाती थी। जांच में यह भी पता चला कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी इसी नेटवर्क के जरिए गांजे की सप्लाई की जा रही थी। पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी से पूछताछ जारी है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।