दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट सहित देशभर की अदालतों और पुलिस स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में आरोपी लुईस श्रीनिवास को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने डार्क वेब के जरिए 50 से अधिक फर्जी ईमेल आईडी बनाकर देश-विदेश में धमकी भरे संदेश भेजे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी लुईस श्रीनिवास फिलहाल छह दिन की पुलिस रिमांड पर है। पूछताछ में उसने बताया कि उसने न्याय व्यवस्था और पुलिस के प्रति नाराजगी के चलते इस साजिश को अंजाम दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी मैसूर में अपने परिवार के साथ चल रहे पुश्तैनी जमीन विवाद और अदालतों में लंबी प्रक्रिया से असंतुष्ट था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए डार्क वेब का सहारा लिया। उसने 50 से अधिक फर्जी ईमेल आईडी बनाईं और आईपी एड्रेस छिपाने की तकनीकों का इस्तेमाल किया, जिससे जांच एजेंसियों के लिए उसे ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो गया। आरोपी एक ही दिन में कई अदालतों और पुलिस विभागों को धमकी भरे ईमेल भेजता था, जो मुख्य रूप से कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा में होते थे।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ने भारत के अलावा पाकिस्तान में भी इसी तरह के धमकी भरे ईमेल भेजे थे। इससे जांच एजेंसियां इस मामले को व्यापक स्तर पर देख रही हैं।
आरोपी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी जांच में सामने आई है। वह बीए, एमए और एमबीए डिग्रीधारी है तथा 'नेट' क्वालिफाइड है। वह पहले एक असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में भी कार्य कर चुका है और मैसूर के शहरी क्षेत्र में अपनी मां के साथ रह रहा था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अधिकांश धमकी भरे ईमेल अपने मोबाइल फोन से भेजे थे। उसके मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और सबूतों की तलाश के लिए दिल्ली पुलिस की टीम आरोपी को लेकर मैसूर भी पहुंची है।