नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8.598 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की चरस बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह नेटवर्क इंडो-नेपाल सीमा से संचालित सप्लाई चेन से जुड़ा पाया गया है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में कोटला मुबारकपुर थाने में एनडीपीएस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। दक्षिण जिला पुलिस के अनुसार स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि कोटला मुबारकपुर क्षेत्र में रह रहे तीन नेपाली नागरिक दिल्ली-एनसीआर में व्यावसायिक मात्रा में चरस की सप्लाई कर रहे हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने निगरानी शुरू की और 29 जून को आरोपियों के ठिकाने पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी में कुल 8.598 किलोग्राम चरस बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
पुलिस के अनुसार बरामद चरस में सबसे अधिक मात्रा ज्योति पुन मगर के कब्जे से मिली।
- ज्योति पुन मगर के पास से 5.566 किलोग्राम
- भारत थापा के पास से 1.552 किलोग्राम
- गोविंद बुद्धा के पास से 1.480 किलोग्राम
कुल बरामदगी 8.598 किलोग्राम रही, जिसे एनडीपीएस अधिनियम के तहत व्यावसायिक मात्रा माना जाता है। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरफ्तार आरोपी ज्योति पुन मगर इस नेटवर्क का प्रमुख सप्लायर था। वह इंडो-नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर के जरिए नेपाल स्थित एक स्रोत से चरस मंगाता था। इसके बाद दिल्ली पहुंचने पर भारत थापा और गोविंद बुद्धा कथित तौर पर इसे खुदरा स्तर पर ग्राहकों तक पहुंचाते थे। पुलिस अब नेपाल स्थित सप्लायर और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर ग्राहकों से WhatsApp के माध्यम से ऑर्डर लेते थे और भुगतान डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए स्वीकार करते थे। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल फोन और डिजिटल लेनदेन से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन का पता लगाया जा सके।
पुलिस के अनुसार आरोपी कथित तौर पर ड्रग्स की डिलीवरी के लिए ऑटो-रिक्शा और बाइक टैक्सी का इस्तेमाल करते थे। हर लेनदेन के बाद वे WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्ड भी हटा देते थे, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 32 वर्षीय भारत थापा, 32 वर्षीय गोविंद बुद्धा और 50 वर्षीय ज्योति पुन मगर के रूप में हुई है। तीनों वर्तमान में दिल्ली के कोटला मुबारकपुर क्षेत्र में रह रहे थे, जबकि उनके स्थायी पते नेपाल के अर्घाखांची और ईस्ट रुकुम जिलों में हैं। पुलिस के अनुसार तीनों के खिलाफ पहले किसी आपराधिक मामले का रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
पुलिस अब डिजिटल भुगतान, मोबाइल डेटा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। साथ ही नेपाल स्थित कथित सप्लायर और पूरे सप्लाई नेटवर्क की पहचान कर उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई जारी है।