>फरीदाबाद में चल रही सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के तीसरे दिन आध्यात्मिक कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक मंच पर नजर आए। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच दोनों संतों ने सनातन धर्म, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर दिया।
>पदयात्रा में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रधर्म है। उन्होंने लोगों से भेदभाव मिटाने, गांव-शहर में सामाजिक सौहार्द बढ़ाने और धर्म-संस्कृति की मूल भावना को आगे ले जाने का आग्रह किया।
>शास्त्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं से प्रतिदिन एक घंटा समाज और सनातन सेवा को देने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा बच्चों में संस्कार जगाएं, समाज में समरसता रखें और संस्कृति से जुड़ें यही असली सनातन सेवा है।
>इस दौरान लोगों ने गाय, गंगा, गीता, गौरी, गायत्री और गोपाल की मर्यादा पालन का संकल्प लिया और सामाजिक-धार्मिक मूल्यों को संरक्षित रखने का प्रण किया।
>पदयात्रा में धर्मांतरण और सांस्कृतिक चुनौतियों का मुद्दा भी उठा। शास्त्री ने आमजन से सोशल अवेयरनेस बढ़ाने और किसी भी प्रकार के धार्मिक धोखे या जबरदस्ती के खिलाफ शांतिपूर्ण, कानूनी जागरूकता को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज में एकता और जागरूकता ही किसी भी चुनौती का समाधान है।