WhatsApp पर फर्जी ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का खेल खत्म सरकार के इस वार से टूटेगी शातिरों की कमर

21 Mar 2026

देश में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट स्कैम को लेकर केंद्र सरकार सख्त रुख में नजर आ रही है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp को ऐसे मामलों में इस्तेमाल हो रहे डिवाइस आईडी को ब्लॉक करने के लिए कहा गया है।

 

सूत्रों के अनुसार स्कैम करने वाले आरोपी WhatsApp कॉल, मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए खुद को पुलिस या जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और पैसे ठगते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने तकनीकी स्तर पर कड़े कदम उठाने को कहा है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित अंतर-विभागीय समिति (IDC) ने WhatsApp को कई सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। इनमें संदिग्ध डिवाइस आईडी ब्लॉक करना, फर्जी ऐप्स और खतरनाक APK फाइलों की पहचान कर उन्हें रोकना शामिल है।

 

इसके अलावा WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म पर स्काइप की तरह एडवांस सेफ्टी फीचर्स लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। IT Rules 2021 के तहत डिलीट किए गए अकाउंट का डेटा 180 दिन तक सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है, जिससे जांच एजेंसियों को मदद मिल सके।

 

सूत्रों के मुताबिक मेटा के स्वामित्व वाले WhatsApp ने इन उपायों को लागू करने पर सहमति जताई है और कुछ फीचर्स पर काम शुरू हो चुका है। दिसंबर 2025 में IDC की बैठक में इस पर चर्चा हुई थी।

 

डिवाइस आईडी किसी भी डिवाइस की यूनिक पहचान होती है, जिसमें IMEI नंबर, MAC एड्रेस और सीरियल नंबर शामिल होते हैं।

 

डिजिटल अरेस्ट स्कैम में आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर फर्जी गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं और पीड़ित से ऑनलाइन माध्यम से पैसे ऐंठते हैं। सरकार द्वारा प्रस्तावित इन उपायों को डिजिटल फ्रॉड पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।