अम्बेडकरनगर। जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने अकबरपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षिक एवं आवासीय सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं, विद्यालय परिसर, किचन तथा बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्थाओं को देखा। इस दौरान साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और विद्यालय के शैक्षिक वातावरण की स्थिति की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, दैनिक दिनचर्या, विषयों और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और निरंतर अध्ययन के जरिए अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने विद्यालय की कक्षाओं का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध शैक्षिक वातावरण की स्थिति देखी। निरीक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को मिल रही शैक्षिक सुविधाओं और विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लेना रहा।
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विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने उनकी पढ़ाई और दिनचर्या के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि बच्चे किन विषयों की पढ़ाई कर रहे हैं और विद्यालय में उनके लिए किस तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन पर ध्यान देने के साथ अनुशासन और मेहनत को महत्व देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लगातार अध्ययन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता से विद्यार्थी अपने उद्देश्यों को हासिल कर सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर जानकारी ली। बातचीत के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई से संबंधित स्थिति और विद्यालय में उन्हें मिल रही सुविधाओं को समझने का प्रयास किया गया।
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विद्यार्थियों से संवाद निरीक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। इसके माध्यम से विद्यालय की व्यवस्थाओं के साथ-साथ बच्चों के अनुभवों की भी जानकारी ली गई। डीएम ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और नियमित रूप से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अनुशासन और परिश्रम को शिक्षा के साथ महत्वपूर्ण बताया।
जिलाधिकारी ने विद्यालय की किचन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता और उससे संबंधित व्यवस्थाओं को देखा गया। जिलाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। विद्यालय में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भोजन व्यवस्था महत्वपूर्ण होने के मद्देनजर प्रशासन की ओर से साफ-सफाई और पोषण से जुड़े पहलुओं पर ध्यान देने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रशासन को भोजन की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य से जुड़े पक्षों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जवाहर नवोदय विद्यालय में विद्यार्थियों के आवासीय प्रबंध का भी जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। उन्होंने बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्थाओं को देखा और वहां साफ-सफाई तथा अनुशासन की स्थिति का जायजा लिया।
हॉस्टल में विद्यार्थियों के रहने से जुड़ी व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर के साथ हॉस्टल में भी स्वच्छता और अनुशासन कायम रखने के निर्देश दिए।
विद्यालय प्रशासन को कहा गया कि आवासीय परिसर और अन्य व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में साफ-सफाई और अनुशासन को लेकर भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय और हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखना आवश्यक है।
विद्यालय प्रशासन को परिसर की स्वच्छता पर ध्यान देने के साथ विद्यार्थियों के लिए व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, भोजन और पोषण से जुड़े पहलुओं की नियमित देखभाल करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का उद्देश्य उनकी प्रतिभा को निखारना है, ताकि वे आगे बढ़कर अपने परिवार, विद्यालय और जनपद का नाम रोशन करें।
इस दौरान शिक्षा की गुणवत्ता के साथ विद्यार्थियों के समग्र वातावरण पर भी ध्यान देने की बात सामने आई। विद्यालय में पढ़ाई के साथ रहने, भोजन, स्वच्छता और अनुशासन से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी बेहतर रखने के निर्देश दिए गए।
जवाहर नवोदय विद्यालय जैसे आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रहने और दैनिक जीवन से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं भी परिसर में ही मिलती हैं। ऐसे में निरीक्षण के दौरान शैक्षिक और आवासीय दोनों व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को साफ-सफाई, अनुशासन और अन्य व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही भोजन की गुणवत्ता और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
निर्देशों में विद्यालय परिसर और हॉस्टल की स्वच्छता बनाए रखने तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर रहा। प्रशासन का ध्यान इस बात पर भी रहा कि विद्यार्थियों को आवश्यक संसाधन और सुविधाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हों।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद के जरिए उनकी आवश्यकताओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली, जबकि विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण भी किया।