डीएसपी समूह की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी डीएसपी फाइनेंस ने डिजिटल मंच वोल्ट मनी का अधिग्रहण करने की घोषणा की है। वोल्ट मनी का संचालन सल्टर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के तहत होता है और यह वित्तीय संपत्तियों के बदले ऋण उपलब्ध कराने वाले डिजिटल मंच के रूप में काम करता है। कंपनी की खास पहचान म्यूचुअल फंड पर ऋण सुविधा के क्षेत्र में रही है।
इस अधिग्रहण के जरिए डीएसपी फाइनेंस अपनी वित्तीय क्षमता, जोखिम प्रबंधन और संस्थागत ढांचे को वोल्ट मनी की तकनीकी क्षमताओं, डिजिटल ग्राहक अनुभव और वितरण नेटवर्क के साथ जोड़ने की योजना बना रही है। कंपनी के मुताबिक इससे वित्तीय संपत्तियों के बदले डिजिटल ऋण को बड़े स्तर पर उपलब्ध कराने की क्षमता मजबूत होगी।
डीएसपी फाइनेंस के अनुसार, दोनों कंपनियां सुरक्षित ऋण के क्षेत्र में अलग-अलग लेकिन एक-दूसरे की पूरक क्षमताएं लेकर आती हैं। डीएसपी फाइनेंस के पास अपनी ऋण पुस्तिका, जोखिम प्रबंधन व्यवस्था और संस्थागत बुनियादी ढांचा है।
यह खबर भी पढ़े - दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के लिए बनेंगी 3 नई आवासीय कॉलोनियां
दूसरी ओर, वोल्ट मनी ने डिजिटल माध्यम से म्यूचुअल फंड पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए तकनीकी मंच विकसित किया है। कंपनी के मंच के जरिए ग्राहक अपने म्यूचुअल फंड निवेश को भुनाए बिना उसके बदले ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वोल्ट मनी के मंच पर प्रक्रिया और जरूरी स्वीकृतियों के अधीन धन का वितरण पांच मिनट के भीतर किया जा सकता है। यह सुविधा डिजिटल माध्यम से तेज ऋण उपलब्ध कराने के मॉडल पर आधारित है। म्यूचुअल फंड पर ऋण यानी एलएएमएफ ऐसी ऋण सुविधा है, जिसमें निवेशक अपनी म्यूचुअल फंड हिस्सेदारी को बेचे बिना उसके आधार पर धन प्राप्त कर सकता है।
इस व्यवस्था में निवेशक को अपनी दीर्घकालिक निवेश स्थिति बनाए रखने का विकल्प मिलता है, जबकि जरूरत के समय निवेश के बदले तरलता प्राप्त की जा सकती है। डीएसपी फाइनेंस ने अपने बयान में कहा है कि भारत में घरेलू संपत्ति में म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय संपत्तियों की हिस्सेदारी बढ़ रही है। कंपनी का कहना है कि ऐसे में वित्तीय संपत्तियों के बदले ऋण ग्राहकों की तरलता जरूरतों के लिए ऋण का एक सुविधाजनक स्रोत बन सकता है।
यह खबर भी पढ़े - संजय निषाद की बीजेपी को चेतावनी, बोले- निषादों की मांग नहीं मानी तो सत्ता से बाहर
डीएसपी फाइनेंस ने बताया कि उसने जुलाई 2024 में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के रूप में पंजीकरण मिलने के बाद कम समय में डिजिटल ऋण कारोबार का विस्तार किया है। कंपनी के अनुसार, अब तक वह 1.8 लाख से अधिक खुदरा ग्राहकों को अपने साथ जोड़ चुकी है। उसकी ऋण पुस्तिका लगभग 4,000 करोड़ रुपये की हो गई है।
कंपनी का कहना है कि वोल्ट मनी के अधिग्रहण के बाद तकनीक और डिजिटल ग्राहक अनुभव को उसकी वित्तीय क्षमता तथा ऋण संचालन के साथ जोड़ा जा सकेगा। इससे वित्तीय संपत्तियों के बदले ऋण की पेशकश को और विस्तार देने की योजना है।
डीएसपी फाइनेंस के चेयरमैन हेमेन्द्र कोठारी ने कहा कि डीएसपी समूह लंबे समय से भारत के वित्तीय बाजारों के विकास का हिस्सा रहा है और बदलती ग्राहक जरूरतों के अनुसार दीर्घकालिक कारोबार तैयार करने पर जोर देता रहा है।
उन्होंने कहा कि वोल्ट मनी का अधिग्रहण तकनीक आधारित सुरक्षित ऋण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, वोल्ट मनी की डिजिटल क्षमताओं और डीएसपी फाइनेंस की संस्थागत ताकत तथा ऋण विशेषज्ञता को जोड़कर वित्तीय संपत्तियों पर आधारित बड़े स्तर के ऋण मंच के निर्माण का अवसर मिलेगा।
डीएसपी फाइनेंस के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयेश मेहता ने कहा कि वोल्ट मनी का अधिग्रहण डिजिटल ऋण मंच को मजबूत करता है और तकनीक, ग्राहक अनुभव, ऋण तथा जोखिम प्रबंधन के क्षेत्र में मौजूद क्षमताओं को एक साथ लाता है।
उन्होंने कहा कि वोल्ट मनी ने डिजिटल म्यूचुअल फंड पर ऋण श्रेणी के विकास में भूमिका निभाई है, जबकि डीएसपी फाइनेंस ने सुरक्षित ऋण कारोबार के लिए अपना आधार तैयार किया है। उनके मुताबिक दोनों कंपनियों की क्षमताओं को मिलाकर वित्तीय संपत्तियों के बदले ऋण को ग्राहकों के लिए सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने पर काम किया जाएगा। उन्होंने जिम्मेदार ऋण व्यवस्था और ग्राहक जरूरतों पर निरंतर ध्यान देने की बात भी कही।
वोल्ट मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक ललित बिहानी ने कहा कि कंपनी की स्थापना म्यूचुअल फंड के बदले ऋण लेने की प्रक्रिया को सरल और अधिक सुलभ बनाने के उद्देश्य से की गई थी।
उन्होंने कहा कि डीएसपी फाइनेंस का हिस्सा बनने के बाद वोल्ट मनी की तकनीक और ग्राहक अनुभव क्षमताओं को एक बड़े वित्तीय सेवा समूह की पहुंच, वित्तीय क्षमता और संस्थागत ताकत के साथ जोड़ा जा सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि दोनों कंपनियां मिलकर ग्राहकों के लिए डिजिटल वित्तीय सेवाओं और नए समाधान विकसित करने तथा देशभर में इस डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार करने की दिशा में काम करेंगी।
यह अधिग्रहण ऐसे समय हुआ है जब डिजिटल माध्यमों से ऋण और वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता बढ़ रही है। डीएसपी फाइनेंस और वोल्ट मनी का संयोजन विशेष रूप से सुरक्षित ऋण और वित्तीय संपत्तियों के आधार पर ऋण देने के क्षेत्र पर केंद्रित है।
इस मॉडल में म्यूचुअल फंड जैसी वित्तीय संपत्तियों को तुरंत बेचने के बजाय उनके आधार पर ऋण प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध रहता है। इसके कारण ग्राहक निवेश बनाए रखते हुए जरूरत के अनुसार धन प्राप्त कर सकता है। हालांकि, ऋण की उपलब्धता संबंधित प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक स्वीकृतियों पर निर्भर करती है।
डीएसपी फाइनेंस के मुताबिक, अधिग्रहण के बाद कंपनी की योजना म्यूचुअल फंड और संपत्ति प्रबंधन से जुड़े व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र में ग्राहकों तक डिजिटल ऋण सेवाओं का विस्तार करने की है।
वोल्ट मनी का मौजूदा तकनीकी मंच और वितरण नेटवर्क इस विस्तार में भूमिका निभाएगा, जबकि डीएसपी फाइनेंस अपने संस्थागत ढांचे, वित्तीय संसाधनों और जोखिम प्रबंधन क्षमता का इस्तेमाल करेगी।