दुधवा टाइगर रिजर्व में 25 गिद्धों की मौत से मचा हड़कंप

09 Apr 2026

उत्तर प्रदेश के दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 25 गिद्धों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में मृत कुत्तों के अवशेष खाने से गिद्धों की मौत की आशंका जताई गई है। मामले की पुष्टि के लिए नमूने आईवीआरआई, बरेली भेजे गए हैं।

 

सेमराई गांव के खेत में मिले मृत गिद्ध: डीटीआर के बफर जोन की भीरा रेंज अंतर्गत सेमराई गांव के एक खेत में लुप्तप्राय प्रजाति के 25 गिद्ध मृत पाए गए। अधिकारियों के अनुसार, इनमें अधिकांश गिद्ध हिमालयन ग्रिफिन प्रजाति के हैं। बफर जोन की उप निदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया कि उसी स्थान पर पांच अन्य गिद्ध अचेत अवस्था में मिले थे। उन्हें तत्काल उपचार दिया गया और स्वस्थ होने के बाद छोड़ दिया गया।

 

मृत कुत्तों के अवशेष मिलने से बढ़ी आशंका: घटनास्थल के पास कुछ दूरी पर मृत कुत्ते भी बरामद हुए। इसके बाद यह आशंका जताई जा रही है कि गिद्धों ने इन कुत्तों के अवशेष खाए, जिससे उनकी मौत हुई। वन विभाग के निर्देश पर पशु चिकित्सकों के पैनल ने 23 गिद्धों का पोस्टमार्टम किया। इसके अलावा दो अन्य मृत गिद्धों के साथ सभी नमूनों को आगे की जांच के लिए IVRI भेजा गया है।

 

पोस्टमार्टम में जहरीले पदार्थ के संकेत: पोस्टमार्टम पैनल के सदस्य डॉ. दया शंकर के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मृत कुत्तों में किसी प्रकार का जहरीला पदार्थ मौजूद था। उसी को खाने के कारण 25 गिद्धों की मौत हो गई और पांच अन्य बीमार पड़ गए। 

उन्होंने बताया कि गिद्धों के आंतरिक अंगों के नमूनों का वैज्ञानिक विश्लेषण होने के बाद ही मौत के सटीक कारण और जहरीले पदार्थ की प्रकृति स्पष्ट हो सकेगी।

 

गिद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति हैं और इन्हें ‘गंभीर रूप से लुप्तप्राय’ श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में एक साथ बड़ी संख्या में गिद्धों की मौत को गंभीर घटना माना जा रहा है। डीटीआर के क्षेत्रीय निदेशक एवं मुख्य वन संरक्षक डॉ. एच. राजमोहन के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। IVRI की रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के पीछे के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।