‘सत्ता हासिल करना ही राहुल गांधी का लक्ष्य’, ECI बैठक के बाद BJP का कांग्रेस पर हमला

26 Sep 2026

चुनाव आयोग की एक अहम बैठक के बाद शनिवार को जारी बयान और आयोग से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लेकर कई सवाल उठाए। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस की कार्यशैली और चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं को लेकर उसके रुख पर टिप्पणी की। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता हासिल करना ही उनका लक्ष्य है।

शनिवार, 26 सितंबर 2026 को चुनाव आयोग की अहम बैठक हुई। बैठक में लिए गए फैसलों और आयोग की ओर से जारी सार्वजनिक बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से सार्वजनिक रूप से जारी बयान के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है। उन्होंने इसी संदर्भ में कांग्रेस और राहुल गांधी पर राजनीतिक निशाना साधा। पात्रा ने कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग को लेकर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके अनुसार, आयोग के तीनों आयुक्तों के बीच बैठक में सर्वसम्मति बनी थी।

संबित पात्रा ने राहुल गांधी के राजनीतिक उद्देश्य को लेकर कहा कि किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सत्ता हासिल नहीं कर पा रहे हैं और इसी वजह से चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस को अपने विषयों को प्रस्तुत करने में परिपक्वता की कमी दिखाई देती है। उन्होंने चुनाव आयोग से जुड़े मौजूदा विवाद को इसी संदर्भ में रखा।

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भाजपा प्रवक्ता ने अपने बयान में 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के एसआईआर से संबंधित फैसले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय तीनों चुनाव आयुक्त एकमत थे और सुप्रीम कोर्ट ने भी चुनाव आयोग के पक्ष में फैसला दिया था। पात्रा के मुताबिक, तीनों आयुक्तों की बैठक में भी सर्वसम्मति बनी। उन्होंने सवाल उठाया कि इन परिस्थितियों के बावजूद कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग पर जिस तरह के सवाल उठाए गए, वह उचित नहीं है। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इस रिपोर्ट में एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रम के संबंध में वही तथ्य शामिल किए जा रहे हैं, जो उपलब्ध सामग्री में दिए गए हैं।

संबित पात्रा ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग के अलावा अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास को देखने पर कई संस्थाओं को लेकर पार्टी की ओर से सवाल उठाए गए हैं। अपने बयान में उन्होंने भारतीय सेना, सुप्रीम कोर्ट और अन्य संस्थाओं से जुड़े पुराने राजनीतिक विवादों का भी उल्लेख किया। 

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पात्रा ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर इनके संबंध में सबूत मांगने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की ओर से तत्कालीन सैन्य अधिकारियों को लेकर भी टिप्पणियां की गई थीं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को लेकर कांग्रेस की ओर से की गई कथित टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। ये सभी बातें भाजपा प्रवक्ता के बयान का हिस्सा थीं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने कहा कि देश की जनता राजनीतिक घटनाक्रम को समझती है और वह यह जानती है कि कांग्रेस ऐसा क्यों कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का उद्देश्य सत्ता हासिल करना है और सत्ता हासिल नहीं कर पाने के कारण वह चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट तथा संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों को जनता अपने स्तर पर समझती है।

भाजपा प्रवक्ता ने अपने बयान में कांग्रेस पर सत्ता हासिल करने के लिए किसी भी स्तर तक जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह के हमले नहीं होने चाहिए। पात्रा ने कांग्रेस की राजनीतिक शैली को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि पार्टी जिस तरीके से अपने आरोप और सवाल सामने रख रही है, उससे उसकी राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठते हैं। उनके बयान का एक प्रमुख हिस्सा राहुल गांधी के राजनीतिक लक्ष्य से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करना ही राहुल गांधी का लक्ष्य है।

संबित पात्रा ने राहुल गांधी के लिए अंग्रेजी वाक्यांश ‘कैन नॉट विन, सो लेट्स स्पॉइल द गेम’ का इस्तेमाल किया। इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जब जीत नहीं सकते तो लोकतंत्र के पूरे खेल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि भारत जैसे देश में संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने के बाद जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी। यह टिप्पणी भाजपा की ओर से कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ की गई राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा थी।

चुनाव आयोग से संबंधित हालिया राजनीतिक विवाद में आयोग की कार्यप्रणाली, चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेद और विभिन्न फैसलों को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। 26 सितंबर को आयोग की बैठक और उसके बाद जारी सार्वजनिक बयान ने इस बहस को फिर चर्चा में ला दिया। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया। भाजपा की ओर से संबित पात्रा ने इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति से जोड़ते हुए कई आरोप लगाए। वहीं, उपलब्ध सामग्री में कांग्रेस की ओर से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जवाब में कोई ताजा प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।

 

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटनाक्रम के प्रमुख बिंदु चुनाव आयोग की शनिवार की बैठक, उसके बाद जारी सार्वजनिक बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया से जुड़े हैं। भाजपा ने आयोग के स्पष्टीकरण को अपने पक्ष में बताते हुए कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाए। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसी दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस के राजनीतिक उद्देश्य को लेकर कई आरोप लगाए। चुनाव आयोग, कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की स्थिति में संबंधित पक्षों के आगे के आधिकारिक बयान घटनाक्रम को और स्पष्ट कर सकते हैं।