>अब देशभर के पेंशनधारकों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। अब उन्हें हर साल बैंक या दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने एक समझौता किया है जिसके तहत अब पेंशनधारकों को उनके घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा खासतौर पर उन बुजुर्गों के लिए वरदान साबित होगी जिन्हें हर साल अपने जीवन प्रमाण पत्र के लिए बैंक या कार्यालय में जाना मुश्किल होता है।
>इस नई साझेदारी के तहत, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक अपने 1.65 लाख डाकघरों और 3 लाख से अधिक डाक कर्मचारियों के नेटवर्क का इस्तेमाल करेगा। ये सभी कर्मचारी फिंगरप्रिंट और फेस रिकग्निशन तकनीक वाले उपकरणों से लैस होंगे, जिससे वे पेंशनधारकों के घर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए उनका डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकेंगे।
>ईपीएफओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस सेवा का पूरा खर्च ईपीएफओ वहन करेगा, यानी पेंशनधारकों को इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन की दिशा में एक और मजबूत कदम माना जा रहा है।
>इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने पहले से ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की डोरस्टेप सेवा शुरू कर रखी है। अब ईपीएफओ के साथ साझेदारी से यह सेवा और भी व्यापक रूप से लागू होगी। बैंक के एमडी और सीईओ विश्वेश्वरन एन ने कहा, ईपीएफओ के साथ यह साझेदारी हमारे उस मिशन की पुष्टि करती है जिसमें हम भारत के हर घर तक वित्तीय और नागरिक सेवाएं पहुंचाना चाहते हैं।
>पेंशनधारकों को इस सेवा का लाभ उठाने के लिए बस अपने नजदीकी डाकघर में संपर्क करना होगा या अपने डाकिया / ग्रामीण डाक सेवक को बुलाना होगा। वहां वे आधार नंबर और पेंशन विवरण देंगे, जिसके बाद फेस या फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन के जरिए उनका जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से जनरेट हो जाएगा।