₹25,000 तक बेसिक सैलरी वालों के लिए ईपीएफओ का बड़ा अपडेट, बदल सकता है 10 साल पुराना नियम

03 Aug 2026

देश के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आया है। केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मचारी पेंशन योजना के तहत अनिवार्य योगदान के लिए निर्धारित वेज सीलिंग को वर्तमान ₹15,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

यदि इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो सितंबर 2014 के बाद ईपीएफओ नियमों में यह सबसे बड़ा संशोधन माना जाएगा। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

वर्तमान नियमों के अनुसार जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता मिलाकर ₹15,000 प्रति माह तक होता है, उनके लिए कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मचारी पेंशन योजना में योगदान अनिवार्य है। एक सितंबर 2014 को यह सीमा ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 की गई थी। इसके बाद पिछले लगभग दस वर्षों में इस सीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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पिछले एक दशक में महंगाई और निजी क्षेत्र में औसत वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके कारण बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं जिनका बेसिक वेतन ₹15,000 से अधिक है और वे वर्तमान वेज सीलिंग के कारण कर्मचारी पेंशन योजना के अनिवार्य दायरे से बाहर हो जाते हैं। इसी स्थिति को देखते हुए लंबे समय से वेज सीलिंग बढ़ाने की मांग की जा रही है।

यदि वेज सीलिंग ₹25,000 तक बढ़ाई जाती है, तो कर्मचारी पेंशन योजना के तहत अधिक कर्मचारियों को शामिल किया जा सकेगा। इसके साथ ही नियोक्ता द्वारा कर्मचारी पेंशन योजना में जमा किया जाने वाला मासिक अंशदान वर्तमान लगभग ₹1,250 से बढ़कर लगभग ₹2,083 तक हो सकता है। इस बदलाव से कर्मचारियों की पेंशन योग्य सैलरी का आधार बढ़ेगा।

प्रस्ताव लागू होने की स्थिति में कर्मचारियों के भविष्य निधि खाते में हर महीने अधिक राशि जमा होगी। इससे चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ लंबे समय तक मिलने के कारण सेवानिवृत्ति के समय बड़ा कोष तैयार हो सकता है। साथ ही कर्मचारी पेंशन योजना के तहत भविष्य में मिलने वाली मासिक पेंशन में भी वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि पेंशन योग्य वेतन का आधार बढ़ जाएगा।

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यदि वेज सीलिंग बढ़ती है तो ₹15,000 से ₹25,000 के बीच बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के भविष्य निधि में मासिक योगदान की राशि भी बढ़ेगी। इससे कर्मचारियों के हाथ में मिलने वाले मासिक वेतन में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि यह राशि कर्मचारी के अपने भविष्य निधि खाते में जमा होगी और दीर्घकालीन बचत का हिस्सा बनेगी।

वेज सीलिंग बढ़ने की स्थिति में कंपनियों के कर्मचारी पेंशन योजना और भविष्य निधि योगदान में भी वृद्धि होगी। इसी कारण सरकार इस प्रस्ताव पर विभिन्न पक्षों के साथ विचार-विमर्श कर रही है। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेते समय नए श्रम कानूनों के क्रियान्वयन और उद्योग जगत पर पड़ने वाले वित्तीय प्रभाव को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

फिलहाल सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया, संबंधित पक्षों से चर्चा और श्रम मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी। जब तक आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक वर्तमान ₹15,000 की वेज सीलिंग ही लागू रहेगी।