फाइव स्टार शौक, करोड़ों की संपत्ति और नकली ठसक

05 Sep 2025


>राजधानी की पुलिस ने जिस फर्जी IAS अफसर सौरभ त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है, उसके कारनामों ने प्रशासन और जांच एजेंसियों को हैरान कर दिया है। सरकारी बैठकों में ठसक के साथ शामिल होने वाला यह फर्जी अफसर VIP मीटिंग्स में भी मौजूद रहता और खुद को आला अफसर बताकर लोगों को प्रभावित करता था।


>वजीरगंज पुलिस की जांच में सामने आया है कि सौरभ न केवल करोड़ों की गाड़ियों का मालिक है बल्कि कई जिलों में बेनामी संपत्तियां भी खरीदी हैं। उसका लाइफस्टाइल किसी रियल अफसर से कम नहीं था। वह अक्सर फाइव स्टार होटलों में ठहरता और इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा कर अपनी पहचान को और पुख्ता करता।


>पुलिस की सख्त पूछताछ में पता चला है कि मऊ निवासी सौरभ त्रिपाठी ने अपनी ठगी को अंजाम देने के लिए नौकरशाही और प्रशासनिक बैठकों में एंट्री तक हासिल कर ली थी। इतना ही नहीं, कई कार्यक्रमों में वह VIP मेहमानों के साथ मंच साझा करता था।


>जांच में यह भी सामने आया है कि उसने अपनी पहचान छुपाकर निजी फर्म में नौकरी भी की। सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज एक नए मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सौरभ ने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर खुद को "स्पेशल सेक्रेटरी अर्बन डिपार्टमेंट" और "डायरेक्टर, कैबिनेट सेक्रेटरी भारत सरकार" बताकर धोखाधड़ी की।


>फिलहाल पुलिस उसकी काल डिटेल्स, संपत्तियों और गाड़ियों की जानकारी जुटा रही है। शुरुआती जांच में उसके मऊ और अन्य जिलों में कई संपत्तियां होने की पुष्टि हुई है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश में जुटी है।