दिवाली का त्यौहार आमतौर पर उपहारों और भव्य खर्च के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSEs) के लिए एक सख्त आदेश जारी किया है। वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर ने 19 सितंबर को ऑफिस मेमोरेंडम जारी करते हुए स्पष्ट किया कि दिवाली या किसी भी अन्य त्योहार पर गिफ्ट्स की खरीद या वितरण पर पूरी तरह रोक रहेगी।
वित्त मंत्रालय के अनुसार ये पैसे अब जनहित और देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कामों पर खर्च किए जाएंगे। इस आदेश का मकसद केवल खर्च पर रोक लगाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों का सही और उपयोगी दिशा में इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
सर्कुलर में साफ लिखा गया है कि किसी भी मंत्रालय या विभाग की ओर से त्योहारों पर गिफ्ट्स या अन्य गैर-जरूरी वस्तुओं पर कोई भी खर्च नहीं किया जाएगा। यह आदेश सचिव (एक्सपेंडिचर) की मंजूरी और जॉइंट सेक्रेटरी के हस्ताक्षर के बाद तुरंत प्रभाव से लागू किया गया।
सरकार के इस कदम को आर्थिक संतुलन बनाए रखने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिकी हाई टैरिफ और वैश्विक आर्थिक दबाव के बीच, केंद्र सरकार ने हाल ही में 22 सितंबर से जीएसटी 2.0 सुधार लागू किए हैं, जिससे कई वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है और मांग में वृद्धि की उम्मीद है।