फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी, पीएम मोदी ने 9/11 का किया जिक्र

01 Oct 2026

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में बुधवार को उस समय गंभीर स्थिति पैदा हो गई, जब विमान के कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच संघर्ष हुआ। घटना के बाद विमान ने आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबुक में लैंडिंग की। इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय कैप्टन स्मित मछार गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को कॉकपिट तक पहुंचने और स्थिति को नियंत्रित करने का मौका मिला।

घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सार्वजनिक रूप से सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नेतन्याहू के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें इस घटना की तुलना 9/11 जैसी त्रासदी से की गई थी।

फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में एक गंभीर घटना हुई, जिसके बाद विमान ने आपात संकेत भेजा और उसकी ऊंचाई में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार विमान करीब 33,000 फीट से लगभग 17,000 फीट तक तेजी से नीचे आया।

घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया। वहां विमान की सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। बाद में यात्रियों को दूसरी उड़ान के जरिये उनके गंतव्य तेल अवीव पहुंचाया गया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार और दूसरे पायलट के बीच संघर्ष हुआ। इस दौरान स्मित मछार गंभीर रूप से घायल हुए। रिपोर्टों के मुताबिक हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब कॉकपिट का नियंत्रण प्रभावित हुआ। इसी दौरान घायल कैप्टन स्मित मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। उनके इस कदम के बाद कुछ यात्री और चालक दल के सदस्य अंदर पहुंच सके और दूसरे पायलट को काबू करने में मदद की।

इसके बाद विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित पायलटों ने विमान को नियंत्रित करने में मदद की। विमान को तबुक हवाईअड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना के बाद कहा कि कैप्टन स्मित मछार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद संघर्ष किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। उनके अनुसार इससे यात्रियों और चालक दल को कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर पायलट को रोकने में मदद मिली।

नेतन्याहू ने कैप्टन मछार को असाधारण बहादुरी के लिए सलाम किया और कहा कि उन्होंने 174 लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नेतन्याहू ने एक अन्य बातचीत में इस घटना को 9/11 जैसी त्रासदी से जोड़ा। उन्होंने कहा कि कैप्टन और कॉकपिट में पहुंचे लोगों की कार्रवाई से ऐसी आपदा को रोका गया। हालांकि घटना की परिस्थितियों और दूसरे पायलट के उद्देश्य की जांच जारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। मोदी ने कहा कि घटना के दौरान भारतीय कैप्टन ने ऐसा साहस दिखाया, जिसकी इजरायल के प्रधानमंत्री ने भी सराहना की। उन्होंने नेतन्याहू के बयान का हवाला देते हुए कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी को होने से रोक दिया।

प्रधानमंत्री ने कैप्टन के परिवार से बातचीत की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्मित के पिता भूपेंद्र, मां गीता और पत्नी सोनल से बात की है। मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने और लंबी उम्र की कामना की। प्रधानमंत्री ने इससे पहले सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की प्रशंसा की थी। उन्होंने लिखा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना के बाद कैप्टन स्मित मछार को बहादुरी के लिए सम्मानित शब्दों में याद किया। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने जवाबी कार्रवाई की, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा चालक दल को हमलावर को काबू करने में मदद मिली। नेतन्याहू ने कहा कि इस कार्रवाई से विमान में मौजूद 174 लोगों की जान बची। उन्होंने कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

घटना के बाद कैप्टन स्मित मछार को सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। भारतीय दूतावास के अनुसार उन्हें जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार कैप्टन की सर्जरी भी की गई है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर भारतीय अधिकारी नजर रख रहे हैं।

घटना के बाद दूसरे पायलट को सऊदी अरब में हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों की ओर से घटना की जांच की जा रही है। दूसरे पायलट की पृष्ठभूमि और घटना के पीछे के उद्देश्य को लेकर भी जांच जारी है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दूसरे पायलट को ओमान का नागरिक बताया गया है। हालांकि घटना के पीछे की पूरी वजह की आधिकारिक जांच अभी जारी है।

कॉकपिट की घटना के बाद फ्लाइट ने आपात स्थिति में तबुक हवाईअड्डे पर लैंडिंग की। विमान में मौजूद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में फ्लाईदुबई की दूसरी उड़ान से यात्रियों को तेल अवीव पहुंचाया गया। घटना के दौरान विमान की ऊंचाई में अचानक गिरावट दर्ज की गई थी। उपलब्ध विमान निगरानी आंकड़ों के अनुसार विमान कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आया। इसके बाद यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य पायलटों की मदद से विमान को स्थिर किया गया।

फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई इस घटना की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि कॉकपिट में संघर्ष की शुरुआत कैसे हुई और दूसरे पायलट की कार्रवाई के पीछे क्या उद्देश्य था। इजरायल के अधिकारियों ने घटना को गंभीर सुरक्षा मामले के तौर पर लिया है, जबकि सऊदी अरब में विमान की आपात लैंडिंग के बाद संबंधित जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।