>लखनऊ, 2 अक्टूबर। प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर को भारत में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती और देश के दूसरे प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष महात्मा गांधी की 156वीं और लाल बहादुर शास्त्री जी की 121वीं जयंती मनाई गई।
>महात्मा गांधी, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरक नेता और सत्य एवं अहिंसा के वैश्विक प्रतीक, आज भी पूरी दुनिया को प्रेरित करते हैं। गांधी जयंती का अंतरराष्ट्रीय महत्व भी है क्योंकि इसे अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। वहीं, लाल बहादुर शास्त्री जी की सरलता, विनम्रता और आम नागरिकों के कल्याण के प्रति उनकी निष्ठा आज भी हर दिल में गूंजती है। उनका अमर उद्घोष “जय जवान, जय किसान” राष्ट्रीय एकता, आत्मनिर्भरता और जनसेवा का प्रतीक बना हुआ है।
>संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS), लखनऊ ने दोनों महापुरुषों की जयंती आज केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे दीप प्रज्वलन और महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. आर. के. धिमान, संयुक्त निदेशक (सामग्री प्रबंधन) प्रकाश सिंह, संयुक्त निदेशक प्रशासन कर्नल जयहदीप सिंह घुमान और मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. आर. हर्षवर्धन मौजूद थे।
>कार्यक्रम के दौरान प्रो. आर. के. धिमान ने महात्मा गांधी के मूल्यों जैसे सरलता, अनुशासन, अहिंसा और आत्मनिर्भरता को याद रखने और जीवन में अपनाने का महत्व बताया। प्रो. आर. हर्षवर्धन ने कहा कि महात्मा गांधी को केवल ऐतिहासिक व्यक्तित्व के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्ति के रूप में समझना चाहिए जिनके जीवन और विचारधारा को आत्मसात करना हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है। विशेषकर स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों की देखभाल और सेवा में गांधीजी के सिद्धांतों को लागू करने का प्रयास करना चाहिए।
>इस अवसर पर प्रो. धिमान ने बताया कि SGPGIMS ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक स्वच्छ भारत मिशन पखवाड़ा आयोजित किया, जिसमें संस्थान के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए। यह प्रयास स्वच्छता चैम्पियंस और सफाई मित्रों की निष्ठा और मेहनत के बिना संभव नहीं था। यह अभियान संस्थान के नोडल ऑफिसर डॉ. प्रशांत अग्रवाल और वरिष्ठ स्वच्छता अधिकारी श्री ओम प्रकाश के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
>कार्यक्रम का समापन महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों की सामूहिक पुनः पुष्टि के साथ हुआ, जिसमें यह संदेश दिया गया कि उनके शाश्वत मूल्य आज भी देश को सामंजस्य, आत्मनिर्भरता और सेवा की दिशा में मार्गदर्शित करते हैं। कार्यक्रम में संस्थान के संकाय, निवासी चिकित्सक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।