हेलमेट पर था रद्द लाइसेंस नंबर, गाजियाबाद में बीआईएस ने 730 हेलमेट जब्त किए

11 Sep 2026

गाजियाबाद। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने मानक अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने तथा आईएसआई मार्क के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए गाजियाबाद में प्रवर्तन कार्रवाई की। बीआईएस की गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा शाखाओं की संयुक्त टीमों ने लोनी और मोहननगर क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया।

कार्रवाई के दौरान लोनी की एक हेलमेट निर्माण इकाई से 730 हेलमेट और 4,646 पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई। वहीं, मोहननगर स्थित एक अन्य इकाई से 1,158 एलपीजी रेगुलेटर जब्त किए गए। लोनी स्थित इकाई की जांच के दौरान प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि हेलमेट पर ऐसे बीआईएस लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे पहले ही रद्द किया जा चुका था। बीआईएस के मुताबिक, रद्द लाइसेंस नंबर के बावजूद आईएसआई मार्क के इस्तेमाल से संबंधित मामला सामने आया है। टीम ने मौके से हेलमेट और पैकेजिंग सामग्री को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने कब्जे में ले लिया।

बीआईएस की संयुक्त टीम ने लोनी स्थित हेलमेट निर्माण इकाई में तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान टीम को ऐसे हेलमेट मिले, जिन पर रद्द हो चुके बीआईएस लाइसेंस नंबर के बावजूद आईएसआई मार्क का इस्तेमाल किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान कुल 730 हेलमेट और 4,646 पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई। बीआईएस ने इन सामग्रियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने कब्जे में लिया। यह कार्रवाई बीआईएस अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत की गई। अधिकारियों ने संबंधित इकाई में रद्द लाइसेंस के बावजूद आईएसआई मार्क वाले हेलमेट के निर्माण अथवा भंडारण से जुड़ी गतिविधियों की प्रारंभिक जांच की। लोनी में हुई कार्रवाई का नेतृत्व बीआईएस गाजियाबाद शाखा के वैज्ञानिक-सी एवं उप निदेशक शैलेंद्र कुमार वर्मा तथा बीआईएस नोएडा शाखा के वैज्ञानिक-सी एवं उप निदेशक हर्षित कुमार जैन ने किया।

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इसी प्रवर्तन अभियान के तहत बीआईएस की टीम ने आनंद इंडस्ट्रियल एस्टेट, मोहननगर स्थित एक अन्य इकाई में भी कार्रवाई की। यहां तलाशी के दौरान 1,158 एलपीजी रेगुलेटर जब्त किए गए। इस कार्रवाई का नेतृत्व बीआईएस गाजियाबाद शाखा के वैज्ञानिक-डी एवं संयुक्त निदेशक राजेंद्र कुमार पालसानिया तथा बीआईएस दिल्ली शाखा के वैज्ञानिक-सी एवं उप निदेशक सचिन सिंह नरूका ने किया। दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई में बीआईएस की अलग-अलग शाखाओं की टीमें शामिल रहीं। कार्रवाई का उद्देश्य मानक चिह्न के दुरुपयोग और गैर-अनुपालक उत्पादों के खिलाफ प्रवर्तन करना बताया गया है।

लोनी में की गई जांच में बीआईएस के मुताबिक, संबंधित हेलमेट पर ऐसे लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल पाया गया, जिसे पहले ही रद्द किया जा चुका था। बीआईएस प्रमाणन से जुड़े लाइसेंस का उपयोग निर्धारित नियमों और वैधता के अनुसार किया जाता है। किसी रद्द लाइसेंस नंबर के बावजूद उत्पाद पर आईएसआई मार्क का इस्तेमाल किए जाने का मामला मानक चिह्न के अनधिकृत या भ्रामक इस्तेमाल से जुड़ा है। बीआईएस ने कार्रवाई के दौरान संबंधित हेलमेट और पैकेजिंग सामग्री को जब्त कर लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया की जा रही है।

बीआईएस अधिकारियों के अनुसार, हेलमेट की गुणवत्ता सड़क सुरक्षा से सीधे जुड़ा विषय है। दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए हेलमेट दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा उपकरण की भूमिका निभाता है। भारत में दोपहिया वाहन चालकों के लिए बीआईएस मानकों के अनुरूप हेलमेट का इस्तेमाल अनिवार्य है। सुरक्षात्मक हेलमेट के लिए आईएस 4151:2015 में निर्धारित मानकों का पालन किया जाना आवश्यक है। इसी वजह से हेलमेट की खरीद के दौरान केवल उत्पाद पर मौजूद आईएसआई मार्क को देखना ही पर्याप्त नहीं माना गया है। बीआईएस की ओर से उपभोक्ताओं को संबंधित लाइसेंस की वैधता की जांच करने की अपील की जाती रही है।

बीआईएस ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि हेलमेट खरीदते समय केवल आईएसआई मार्क देखकर संतुष्ट न हों। इसके साथ संबंधित बीआईएस लाइसेंस की वैधता की भी जांच की जानी चाहिए। यदि किसी हेलमेट पर संदिग्ध आईएसआई मार्क या बीआईएस प्रमाणन के दुरुपयोग का मामला दिखाई देता है, तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को देने की अपील की गई है। बीआईएस के मुताबिक, मानक चिह्न का अनधिकृत या भ्रामक इस्तेमाल गंभीर उल्लंघन है। निर्माताओं, विक्रेताओं और अन्य संबंधित कारोबारियों को गैर-अनुपालक उत्पादों या गलत तरीके से आईएसआई मार्क के इस्तेमाल की स्थिति में कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

लोनी में हुई कार्रवाई बीआईएस अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत की गई। इस प्रावधान के तहत मानक चिह्न के अनधिकृत इस्तेमाल से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में बीआईएस की टीम ने मौके पर मौजूद हेलमेट और पैकेजिंग सामग्री को जब्त किया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के बाद संबंधित मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

गाजियाबाद में हुई कार्रवाई में बीआईएस की तीन शाखाओं की टीमें शामिल रहीं। लोनी में बीआईएस गाजियाबाद और नोएडा शाखा की टीमों ने कार्रवाई का नेतृत्व किया, जबकि मोहननगर की कार्रवाई में बीआईएस गाजियाबाद और दिल्ली शाखा के अधिकारी शामिल रहे। दोनों स्थानों पर हुई कार्रवाई में अलग-अलग उत्पादों की जांच की गई। लोनी में हेलमेट और उनकी पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई, जबकि मोहननगर में एलपीजी रेगुलेटर जब्त किए गए।