गाजियाबाद पुलिस ने मधुबन बापूधाम क्षेत्र में सक्रिय एक ऐसे ड्रग्स तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो अमेजन की पालिथीन में नशीले पदार्थ पैक कर पोर्टर के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों के व्हाट्सएप ग्रुपों में शामिल होकर युवाओं और छात्रों को निशाना बना रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए हैं। एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों की पहचान महेंद्रा एंक्लेव निवासी अभिषेक और सूरज, लालकुआं निवासी दीपक तथा संजयनगर निवासी शिवम के रूप में हुई है। पुलिस ने इन्हें बुनकर मार्ट के पास से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि गिरोह बिहार से फर्जी पतों पर कोरियर के माध्यम से मादक पदार्थ मंगवाता था। इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए ऑर्डर प्राप्त कर पोर्टर सेवा के माध्यम से ग्राहकों तक नशीले पदार्थों की आपूर्ति की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि पहचान छिपाने के लिए गांजा, चरस और अन्य मादक पदार्थों की पैकिंग अमेजन की पालिथीन में की जाती थी। संदेह से बचने के लिए हर बार डिलीवरी का स्थान भी बदल दिया जाता था।
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों के व्हाट्सएप ग्रुपों में जुड़ जाते थे। इन समूहों में नशे का प्रचार कर छात्रों और युवाओं को ऑनलाइन सप्लाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाती थी। मादक पदार्थों की खरीद के लिए भुगतान यूपीआई के जरिए लिया जाता था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि अलग-अलग किस्म के गांजे और चरस की अलग-अलग कीमत तय थी। नशीले पदार्थों की बिक्री से होने वाली आय को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 16 किलो 435 ग्राम इम्पोर्टेड गांजा, 60 ग्राम चरस और छह ग्राम स्मैक बरामद की है। इसके अलावा एक कार, एक बाइक, एक स्कूटी, पैकिंग सामग्री, प्लास्टिक बॉक्स और अमेजन की पालिथीन भी जब्त की गई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, सप्लाई चैन और नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।