गाजियाबाद में 4 करोड़ की नगर निगम जमीन कब्जामुक्त, पथराव में कर्मचारी घायल

11 Sep 2026

गाजियाबाद। नगर निगम ने अर्थला और सद्दीकनगर-संगम विहार क्षेत्र में नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे और प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 1100 वर्गमीटर भूमि को कब्जामुक्त कराया। नगर निगम के अनुसार, दोनों स्थानों पर चिन्हित जमीन पर किए गए अवैध निर्माण और प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान अर्थला में स्थानीय लोगों की ओर से टीम का विरोध और पथराव किए जाने की बात नगर निगम ने कही है। इस दौरान परिवर्तन विभाग के एक कर्मचारी को चोट लगने की जानकारी दी गई है।

नगर निगम के मुताबिक, अर्थला गांव में हिंडन नदी के पास नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत महापौर सुनीता दयाल के संज्ञान में पहुंची थी। संबंधित भूमि को कई खसरा नंबरों में दर्ज नगर निगम की जमीन बताया गया है। इनमें खसरा संख्या 1777/1, 1777/2, 1777/3, 1777/4, 1777/5, 1777/6, 1777/7, 1777/8, 1788, 1784, 1782, 1781, 1799, 1800, 1801, 1802, 1803, 1805, 1806, 1807 और 1730 शामिल हैं।

इसी तरह सद्दीकनगर-संगम विहार क्षेत्र में खसरा संख्या 101 की नगर निगम भूमि पर भी अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी। दोनों मामलों की जानकारी मिलने के बाद महापौर ने संबंधित अधिकारियों को बुलाकर स्थिति की जानकारी ली।

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नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, संबंधित सरकारी जमीनों पर पहले नगर निगम की ओर से बोर्ड लगाए गए थे। आरोप है कि इन बोर्डों को हटाकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। शिकायत और अधिकारियों से मिली जानकारी के बाद दोनों स्थानों पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

नगर निगम के मुताबिक, महापौर ने लिखित रूप से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तारीख निर्धारित की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद तय कार्यक्रम के तहत संपत्ति विभाग और परिवर्तन विभाग की टीम को दोनों स्थानों पर भेजा गया।

निर्धारित कार्रवाई के तहत संपत्ति प्रभारी चंद्रकांता के नेतृत्व में नगर निगम के संपत्ति विभाग और परिवर्तन विभाग की टीम दोनों स्थानों पर पहुंची। टीम ने मौके पर चिन्हित करीब 1100 वर्गमीटर जमीन पर की गई अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को ध्वस्त किया।

नगर निगम का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य नगर निगम की जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराना था। कार्रवाई के दौरान संबंधित जमीन पर किए गए निर्माण और प्लॉटिंग को हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई।

नगर निगम के अनुसार, अर्थला में कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने टीम का विरोध किया। नगर निगम ने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान टीम पर पथराव किया गया। इस घटना में परिवर्तन विभाग के एक कर्मचारी को चोट लगने की जानकारी दी गई है।

नगर निगम के मुताबिक, कर्मचारी के घायल होने के बावजूद टीम ने कार्रवाई जारी रखी और चिन्हित भूमि से अवैध कब्जा हटाया। कार्रवाई पूरी होने के बाद करीब 1100 वर्गमीटर नगर निगम की जमीन को कब्जामुक्त कराया गया।

पथराव की घटना को लेकर नगर निगम की ओर से कहा गया है कि इसमें शामिल लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

महापौर सुनीता दयाल के अनुसार, कार्रवाई के दौरान करीब 1100 वर्गमीटर नगर निगम की जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है। इस जमीन की अनुमानित कीमत लगभग चार करोड़ रुपये बताई गई है।

नगर निगम के अनुसार, अर्थला और सद्दीकनगर-संगम विहार में जिन जमीनों पर कार्रवाई की गई, वे नगर निगम की संपत्ति हैं। इन जमीनों पर अवैध कब्जे और प्लॉटिंग की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई।

महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि नगर निगम की जमीनों पर कब्जे के प्रयासों के मामलों में केवल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय कानूनी कार्रवाई भी आवश्यक है। उनके अनुसार, सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

महापौर ने कहा कि नगर निगम की जमीन पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ भूमाफिया एक्ट समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने और उन्हें जेल भेजने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।

नगर निगम के अनुसार, शहर में सरकारी और नगर निगम की जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतों को लेकर कार्रवाई की जा रही है। अर्थला और सद्दीकनगर-संगम विहार में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा बताई गई है।

अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभागों से जानकारी ली गई और कार्रवाई के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। इसके बाद संपत्ति और परिवर्तन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर चिन्हित जमीन पर किए गए निर्माण और अवैध प्लॉटिंग को हटाया।