गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र में मोहननगर के पास जंगल में युवक का शव मिलने के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज की है। परिजन की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि युवक के साथ पहले भी मारपीट की जाती थी और लोहे की रॉड से वार कर उसकी हत्या की गई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के माध्यम से मिले हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामला साहिबाबाद थाना क्षेत्र के मोहननगर का है। यहां डीसीपी ट्रांस हिंडन कार्यालय से कुछ दूरी पर स्थित जंगल में आठ अगस्त को एक युवक का शव मिला था। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसकी पहचान कराने का प्रयास किया। इस बीच परिजन युवक की तलाश कर रहे थे। बाद में फोटो के माध्यम से शव की पहचान लखवेंद्र के रूप में हुई। परिजन के मुताबिक, लखवेंद्र अर्थला में किराये के मकान में रहता था।
मृतक के भाई बबलू के अनुसार, लखवेंद्र पांच अगस्त की रात अपने पिता से खाना लाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसका पता नहीं चला। आठ अगस्त को मोहननगर के जंगल में शव मिलने के बाद परिवार को मामले की जानकारी मिली। इसके बाद 10 अगस्त को लखवेंद्र के भाई और पिता साहिबाबाद थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान पुलिस के पास मौजूद फोटो के माध्यम से शव की पहचान लखवेंद्र के रूप में हुई।
मृतक के भाई बबलू ने पुलिस को दी गई तहरीर में लखवेंद्र की दूसरी पत्नी और उसके साथ रहने वाले ट्रक चालक पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजन का आरोप है कि लखवेंद्र की दूसरी पत्नी उसके साथ रहने वाले ट्रक चालक के साथ रहती थी। बबलू के अनुसार, लखवेंद्र अक्सर अपनी दूसरी पत्नी से मिलने जाता था और इस दौरान दोनों उसके साथ मारपीट करते थे। इसी आधार पर परिजन ने दोनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। शिकायत में लोहे की रॉड से वार कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने और मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।
बबलू के अनुसार, लखवेंद्र ने करीब 15 वर्ष पहले शादी की थी। शादी के लगभग 10 वर्ष तक उसकी पहली पत्नी उसके साथ रही। इस दौरान दोनों के बीच विवाद होते थे। बाद में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद लखवेंद्र ने अर्थला में ही एक दूसरी युवती से शादी की। कुछ वर्ष बाद दूसरी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई और परिजन के अनुसार, वह अर्थला में ही एक ट्रक चालक के साथ रहने लगी। बबलू का आरोप है कि लखवेंद्र जब अपनी दूसरी पत्नी से मिलने जाता था, तब उसके साथ मारपीट की जाती थी।
परिजन ने पुलिस को दी शिकायत में तीन और चार अगस्त की घटनाओं का भी जिक्र किया है। बबलू का आरोप है कि इन दिनों लखवेंद्र अपनी दूसरी पत्नी से मिलने गया था, जहां पत्नी और उसके साथ रहने वाले ट्रक चालक ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद पांच अगस्त की रात लखवेंद्र घर से निकला और वापस नहीं आया। कुछ दिनों तक तलाश के बाद उसका शव जंगल में मिला। इन आरोपों की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
बबलू के मुताबिक, लखवेंद्र को शराब पीने की आदत थी। इसी वजह से उसके पिता भी अर्थला में उसके साथ रहने लगे थे। पिता के साथ रहने के दौरान ही लखवेंद्र के लापता होने की घटना सामने आई। पांच अगस्त की रात घर से निकलने के बाद उसके वापस नहीं आने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, मामले में सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र के माध्यम से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इन सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रभारी एसीपी अमित सक्सेना ने बताया कि परिजन की तहरीर के आधार पर आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही हत्याकांड का पर्दाफाश किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पांच अगस्त की रात लखवेंद्र के घर से निकलने के बाद उसके साथ क्या हुआ। आठ अगस्त को उसका शव मोहननगर के जंगल में मिला था। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में आरोपितों की भूमिका और घटना की परिस्थितियों को जांच के आधार पर स्पष्ट किया जाएगा।