>फेस्टिव सीजन में सोने की खरीदारी ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाया है। टाइटन ज्वेलरी डिवीजन के हेड अजय चावला के मुताबिक, सोने की कीमत 1,30,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंच चुकी है, लेकिन इसके बावजूद ग्राहकों में खरीदारी की ललक कम नहीं हुई। धनतेरस और दिवाली के मौके पर सोने और चांदी की गहनों, सिक्कों और बार की मांग हमेशा बढ़ जाती है। हालांकि, कीमतों में तेजी के चलते लोग पहले थोड़े हिचक रहे थे, लेकिन अब उनका रुझान पूरी तरह वापस आ गया है।
>अजय चावला ने एक निजी टीवी चैनल से इंटरव्यू में बताया कि फेस्टिव सीजन की शुरुआत में कई ग्राहक कीमतों में गिरावट का इंतजार कर रहे थे, इसलिए बिक्री थोड़ी धीमी रही। लेकिन अब लोगों को यह एहसास हो गया है कि कीमतें या तो स्थिर रहेंगी या और बढ़ेंगी। इसी वजह से सोने की खरीदारी में तेजी आई है।
>चावला के अनुसार, मौजूदा समय में सोने की डिमांड विशेष रूप से गोल्ड सिक्कों और बार में देखी जा रही है। इसका मुख्य कारण निवेश और FOMO (Fear Of Missing Out) है। लोग मान रहे हैं कि अगर उन्होंने अभी निवेश नहीं किया, तो भविष्य में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
>सोने की बढ़ती डिमांड के बीच ज्वेलर्स में चिंता भी है। अजय चावला ने बताया कि अगर गोल्ड बार या सिक्के जल्दी खत्म हो जाते हैं तो यह किसी के लिए आश्चर्यजनक नहीं होगा। हालांकि, कंपनी ने पर्याप्त योजना बनाई है, लेकिन ग्राहक अब भी सोने की कमी को लेकर सतर्क हैं।
>पिछले साल इस समय 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 78,610 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। एक साल में कीमत लगभग दोगुनी हो गई है। इस तेजी के बावजूद मांग में कोई गिरावट नहीं आई। लोग निवेश के साथ-साथ फेस्टिव गिफ्ट और सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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