250 पुस्तक स्टॉल, 121 प्रकाशक और हजारों किताबें; लखनऊ में गोमती महोत्सव कल से

11 Sep 2026

लखनऊ में गोमती पुस्तक महोत्सव 2026 का पांचवां संस्करण 12 सितंबर से शुरू होगा। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत की ओर से आयोजित यह नौ दिवसीय आयोजन 20 सितंबर तक लखनऊ विश्वविद्यालय में चलेगा। महोत्सव का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।

आयोजन में करीब 250 पुस्तक स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें 121 प्रकाशक हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी और अन्य भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगे। पुस्तक प्रदर्शनी के साथ साहित्य, संस्कृति, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समकालीन विषयों पर संवाद तथा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

गोमती पुस्तक महोत्सव के पांचवें संस्करण को लेकर 11 सितंबर को लखनऊ विश्वविद्यालय के एपी सेन सभागार में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक युवराज मलिक और लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रोफेसर रोली मिश्रा ने आयोजन की जानकारी दी।

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प्रोफेसर रोली मिश्रा लखनऊ विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष और प्रधान पुस्तकालयाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के सहयोग से इतने बड़े आयोजन का होना महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि ‘पढ़े लखनऊ, बढ़े लखनऊ’ और ‘पढ़े विश्वविद्यालय, बढ़े विश्वविद्यालय’ के लक्ष्य के साथ यह आयोजन किया जा रहा है। उनके अनुसार, महोत्सव में पाठकों को अच्छी किताबों और लेखकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

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राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि गोमती पुस्तक महोत्सव का यह पांचवां संस्करण है। उनके अनुसार, आयोजन में पुस्तकों के अलावा युवा लेखकों, वक्ताओं, बुद्धिजीवियों, स्थानीय बहुभाषी रचनाकारों तथा सांस्कृतिक और प्रदर्शन कलाओं को भी मंच दिया जा रहा है।

महोत्सव में करीब 250 पुस्तक स्टॉल होंगे और 121 प्रकाशक इसमें भाग लेंगे। इन स्टॉल पर हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी सहित अन्य भारतीय भाषाओं की पुस्तकों का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी। आयोजन के दौरान बच्चों और युवाओं के लिए प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।

गोमती पुस्तक महोत्सव में साहित्य, संस्कृति और प्रौद्योगिकी से जुड़े अलग-अलग विषयों पर संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में लेखकों और विशेषज्ञों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी।

प्रमुख विषयों में महिला अस्मिता, युवा साहित्य, सतत विकास, अनुवाद, विरासत और लोककथाएं, अंतरिक्ष एवं विज्ञान तथा आध्यात्मिकता शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय साहित्यिक विरासत, किशोर साहित्य, पुस्तक चर्चा और समकालीन पत्रकारिता जैसे विषयों पर भी संवाद प्रस्तावित हैं।

विशेष संवाद सत्रों में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, लोकगायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. विद्या विंदु सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों के लेखक, कलाकार और विशेषज्ञ शामिल होंगे।

महोत्सव में बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रमों की भी व्यवस्था की गई है। नेशनल सेंटर फॉर चिल्ड्रन्स लिटरेचर, जो राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत का बाल साहित्य प्रभाग है, की ओर से पूरे नौ दिनों के लिए ‘बाल मंडप’ तैयार किया गया है।

अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के लिए कठपुतली नाटक, कमिशिबाई, कहानी सुनाने के कार्यक्रम, वैदिक गणित, माइंडफुलनेस कार्यशाला, क्ले आर्ट, पोस्टर निर्माण, सुलेख, कैरिकेचर स्टूडियो, कविता-पाठ, मंडला कला और रचनात्मक लेखन की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके अलावा चित्रकला और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी होंगी। बच्चों के लिए ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया जाएगा।

गोमती पुस्तक महोत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम को उत्तर प्रदेश की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रमों में पारस बैंड की प्रस्तुति, कथक कार्यक्रम, बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से कथक नृत्य-नाटिका ‘रघुवंशम्’, सुगम संगीत की शाम और लोक प्रस्तुतियां शामिल हैं।

इसके अलावा शंभू शिखर और अन्य शायरों के साथ मुशायरा, भारतेन्दु नाट्य अकादमी की नाट्य प्रस्तुति तथा बेगम अख्तर को समर्पित विशेष दास्तानगोई सत्र भी आयोजित किया जाएगा। महोत्सव के दौरान विभिन्न संगीत प्रस्तुतियां भी होंगी।

महोत्सव में आने वाले बच्चों और युवा पाठकों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय के बारे में जानकारी लेने और उसका उपयोग करने का अवसर मिलेगा। , यह डिजिटल पुस्तकालय मंच विभिन्न विधाओं और भाषाओं में 7,000 से अधिक ई-पुस्तकें उपलब्ध कराता है। इस पहल के जरिए पुस्तक महोत्सव में आने वाले पाठकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और लेखकों को डिजिटल पुस्तक संसाधनों की जानकारी भी दी जाएगी।

गोमती पुस्तक महोत्सव की आयोजन समिति के वरिष्ठ संयोजक चंद्र प्रकाश ने प्रेस वार्ता के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पुस्तकों के संदर्भ में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एंटीडोट पुस्तकें हैं।”

उन्होंने इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री की प्रमाणिकता को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि इंटरनेट पर उपलब्ध हर सामग्री पुष्ट या प्रमाणित नहीं होती। उन्होंने लोगों से गोमती पुस्तक महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

12 सितंबर को होने वाले उद्घाटन समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी, एनबीटी-इंडिया के अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी की उपस्थिति रहेगी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश के. अवस्थी, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा में एसीएस पार्थ सेन शर्मा तथा एनबीटी-इंडिया के निदेशक युवराज मलिक भी उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।