अम्बेडकरनगर, 12 सितंबर। गोरखपुर में तैनात दारोगा दल सिंगार का बीमारी के चलते निधन हो गया। बताया गया है कि वह पिछले कुछ समय से बुखार से पीड़ित थे। तबीयत अधिक खराब होने के बाद वह शनिवार सुबह गोरखपुर से अम्बेडकरनगर स्थित अपने घर पहुंचे थे। घर पहुंचने के कुछ ही समय बाद उनका निधन हो गया।
दल सिंगार ने अम्बेडकरनगर के शहजादपुर बभनगवां में अपना मकान बनवा रखा था और परिवार के साथ यहीं रहते थे। उनके अचानक निधन की खबर से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दारोगा दल सिंगार पिछले कुछ समय से बुखार से पीड़ित चल रहे थे। स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद वह ड्यूटी के लिए गोरखपुर गए थे। बाद में जब उनकी तबीयत अधिक बिगड़ी तो उन्होंने घर लौटने का फैसला किया। शनिवार सुबह वह गोरखपुर से अपने घर पहुंचे। बताया गया है कि घर पहुंचने के कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई। बीमारी के दौरान उनकी तबीयत किस चिकित्सकीय कारण से बिगड़ी, इसकी अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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दल सिंगार रक्षाबंधन के अवसर पर छुट्टी लेकर घर आए थे। छुट्टी पूरी होने के बाद वह वापस गोरखपुर अपनी ड्यूटी पर चले गए थे। इसके बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ने के बाद वह शनिवार सुबह फिर से अपने घर लौटे। परिवार के अनुसार, घर पहुंचने के कुछ ही समय बाद उनका निधन हो गया। अचानक हुई इस घटना से परिजनों को गहरा आघात पहुंचा है।
दल सिंगार ने शहजादपुर बभनगवां में अपना मकान बनवा रखा था। वह इसी मकान में रहते थे। गोरखपुर में तैनाती के कारण उन्हें ड्यूटी के लिए वहां रहना पड़ता था, जबकि उनका घर अम्बेडकरनगर में था। उनके निधन की सूचना के बाद परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया गया है।
दल सिंगार के परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। जानकारी के मुताबिक, उनकी दो बेटियों की शादी हो चुकी थी। वहीं, दो बेटियों और बेटे की शादी की जिम्मेदारी अभी बाकी थी। उनका बेटा कीर्ति वर्धन इंजीनियर है और छत्तीसगढ़ में कार्यरत है। दल सिंगार के निधन के बाद परिवार के सामने उनकी जिम्मेदारियों से जुड़ी स्थिति भी प्रभावित हुई है। बताया जा रहा है कि दल सिंगार वर्ष 2029 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। यानी उनकी सेवा के कुछ वर्ष अभी बाकी थे। इससे पहले ही बीमारी के चलते उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर के बाद परिवार के साथ उनके परिचितों और आसपास के लोगों में भी शोक की स्थिति है। अचानक हुई मौत से परिवार में मातम का माहौल है।