उत्तर प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में गोरखपुर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तेजी से आकार ले रहा है। करीब 392.94 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रहा है। 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 46 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस स्टेडियम को पूर्वांचल के लिए एक महत्वपूर्ण खेल केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। निर्माण कार्य शुरू होने के कुछ ही समय में मिट्टी भराई का काम पूरा कर लिया गया है और वर्तमान में पाइलिंग का कार्य चल रहा है।
16 मई 2026 को भूमिपूजन के बाद परियोजना पर तेजी से काम शुरू किया गया। खेल निदेशालय के अनुसार स्टेडियम निर्माण निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ रहा है। अधिकारियों का लक्ष्य वर्ष 2027 तक इस परियोजना को पूरा करना है। यह स्टेडियम तैयार होने के बाद न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए नई सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
करीब 392.94 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मुख्य मैदान में सात प्लेइंग पिच और चार प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रात्रिकालीन मुकाबलों के लिए चार हाई मास्ट फ्लड लाइट्स भी लगाई जाएंगी। ग्राउंड प्लस टू फ्लोर संरचना पर विकसित हो रहे इस परिसर में पार्किंग, ड्रेसिंग रूम, जिम, मीडिया सेंटर समेत कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस परियोजना को केंद्र और राज्य सरकार दोनों का सहयोग मिल रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय, भारत सरकार ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फंड के तहत 100 करोड़ रुपये की सहायता देने पर सहमति जताई है। वहीं, शेष राशि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य सरकार पहले चरण में 63 करोड़ 39 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर चुकी है।
खेल सचिव सुहास एल.वाई. के अनुसार उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख क्रिकेट केंद्रों में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि वाराणसी में बन रहा क्रिकेट स्टेडियम अंतिम चरण में है, जबकि अयोध्या का स्टेडियम तैयार हो चुका है। लखनऊ का इकाना स्टेडियम पहले से ही आईपीएल मुकाबलों की मेजबानी कर रहा है। ऐसे में गोरखपुर में बन रहा नया स्टेडियम पूर्वांचल के खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने के बाद क्षेत्र के खिलाड़ियों को बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी। स्थानीय स्तर पर ही उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आधुनिक खेल सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। पर्यटन, होटल, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए पहचाने जाने वाले गोरखपुर को इस परियोजना के जरिए एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है। खेल गतिविधियों के विस्तार से युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और पूर्वांचल में खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी।