जन शिकायतों के प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आईजीआरएस की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण में केवल प्रक्रिया पूरी करने के बजाय शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या के प्रभावी समाधान पर ध्यान देने को कहा।
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने अधिकारियों से कहा कि आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया जाए। यदि किसी शिकायत के मामले में दस्तावेजों या उपलब्ध जानकारी से स्थिति स्पष्ट नहीं होती है, तो जरूरत के अनुसार मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया जाए। इस दौरान संबंधित अधिकारी शिकायत की वास्तविक स्थिति को समझकर शिकायतकर्ता की समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से प्राप्त फीडबैक की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण से संबंधित संतुष्टि के स्तर को बेहतर बनाए रखने पर जोर दिया। इस व्यवस्था के तहत शिकायत के निस्तारण के बाद यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट है या नहीं। अधिकारियों को प्राप्त फीडबैक की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधार पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जन शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। आईजीआरएस के माध्यम से दर्ज शिकायतों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर निस्तारित करने और संबंधित शिकायतकर्ता को प्रभावी समाधान उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही शिकायतों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करने और आवश्यक होने पर संबंधित स्थान पर जाकर स्थिति की जांच करने को कहा गया।
आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योत्स्ना बंधु और अपर जिलाधिकारी न्यायिक रंजीत सिंह भी उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला विकास अधिकारी, परियोजना अधिकारी डीआरडीए, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और संबंधित विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार, जिन शिकायतों की वास्तविक स्थिति केवल कार्यालय स्तर पर उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर स्पष्ट नहीं हो सकती, उनमें आवश्यकता के अनुसार स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से संबंधित अधिकारी शिकायत में बताए गए तथ्यों और मौके की स्थिति का परीक्षण कर सकेंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को फीडबैक से जोड़ने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं से प्राप्त प्रतिक्रिया की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य शिकायतों के समाधान से जुड़े संतुष्टि स्तर को बेहतर बनाए रखना है। बैठक में अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान प्रभावी तरीके से हो और निस्तारण की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाए।