>कांग्रेस सांसद और सहारनपुर लोकसभा सीट से चर्चित नेता इमरान मसूद की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई की विशेष अदालत ने उनके खिलाफ ₹40.12 लाख की हेराफेरी के एक पुराने मामले में गैर-जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला साल 2007 में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में हुए वित्तीय गड़बड़ी से जुड़ा है, जिसमें इमरान मसूद आरोपी बनाए गए हैं।
>विशेष सीबीआई न्यायाधीश अरविंद मिश्र की अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान इमरान मसूद की डिस्चार्ज एप्लीकेशन को अदालत ने सख्ती से खारिज कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि अब अगली सुनवाई में उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य है और इसके लिए 18 जुलाई की तारीख तय की गई है।
>क्या है पूरा मामला?
>यह मामला सहारनपुर नगरपालिका से जुड़ा है, जहां नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) ने वर्ष 2007 में एक शिकायत दर्ज कराई थी कि इमरान मसूद ने बैंक खाते में फर्जीवाड़ा कर ₹40.12 लाख की हेराफेरी की है। यह मामला सीबीआई को सौंपा गया और अब इसकी सुनवाई गाजियाबाद स्थित विशेष सीबीआई अदालत में चल रही है।
>सांसद की अन्य चर्चित टिप्पणियां भी चर्चा में
>इमरान मसूद सिर्फ कोर्ट केस ही नहीं, बल्कि अपने बयानों को लेकर भी लगातार सुर्खियों में रहे हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण पर उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा था, "अगर निष्पक्ष चुनाव नहीं होंगे, तो लोकतंत्र बचेगा नहीं। सुप्रीम कोर्ट को इसकी निगरानी करनी चाहिए।"
>वहीं, महाराष्ट्र में भाषा विवाद पर उन्होंने कहा था, "हर भाषा सुंदर है, और हमें अधिक से अधिक भाषाएं सीखनी चाहिए। नफरत फैलाने वालों के पास कोई असली मुद्दा नहीं होता।"