अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को लखनऊ स्थित केडी सिंह बाबू स्टेडियम में ममता चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से भव्य योग एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लेते हुए योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पूरे स्टेडियम में योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का माहौल दिखाई दिया।
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कार्यक्रम के आयोजक राजीव मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन विरासत है, जिसने पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और मानसिक शांति का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता है।
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उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा
राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा
भाजपा नेता नीरज सिंह
राजीव मिश्रा फाउंडर ममता चेरिटेबल ट्रस्ट
मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा, "योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा को भी ऊर्जा प्रदान करता है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से आज योग वैश्विक पहचान बना चुका है और करोड़ों लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं।" उन्होंने कहा, "योग भारत की प्राचीन परंपरा है, जो आज विश्व को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है। हर व्यक्ति को प्रतिदिन योग के लिए समय निकालना चाहिए।"
राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, "योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। नियमित योग करने से व्यक्ति तनावमुक्त रहता है और जीवन में सकारात्मकता आती है। हमें योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।" उन्होंने कहा, "योग से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन सकारात्मक बनता है। यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर है।"
एमएलसी महेंद्र सिंह ने कहा, "आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। युवा पीढ़ी को योग के प्रति जागरूक करना समय की जरूरत है।" उन्होंने कहा, "युवाओं को योग अपनाना चाहिए, इससे स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण होगा।"
प्रमुख सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा, "योग भारत की पहचान है। यह न केवल बीमारियों से बचाव करता है बल्कि जीवन को अनुशासित और संतुलित भी बनाता है। योग को जन आंदोलन बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।" उन्होंने कहा, "योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की कला है।"
कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का प्रदर्शन कराया। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ने का संकल्प लिया।