अम्बेडकरनगर। IPS आशुतोष मिश्रा की मां की मौत के मामले में अम्बेडकरनगर पुलिस ने जांच की स्थिति को लेकर जानकारी दी है। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बुधवार को कहा कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जेवरात बरामद होने को लेकर चल रही चर्चाओं और पुलिस जांच की वास्तविक स्थिति में अंतर है।
पुलिस के अनुसार, प्राथमिकी में जिन अधिकांश जेवरात का उल्लेख किया गया है, वे अभी बरामद नहीं हुए हैं। मौके से मिली तुलसी की माला और कीलनुमा पीली धातु की कुछ वस्तुएं परिवार को सौंप दी गई हैं। पुलिस ने इस मामले में जांच के लिए कई टीमें गठित की हैं और पूछताछ के साथ-साथ बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जा रही है।
अम्बेडकरनगर की पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने कहा कि मामले की जांच निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक जांच के सभी पहलुओं को तथ्यों के आधार पर देखा जा रहा है।
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एसपी ने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी निर्दोष को फंसाने का सवाल ही नहीं है। पुलिस का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गायब जेवरात के बरामद होने की चर्चाएं चल रही थीं। पुलिस अधीक्षक ने इन चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि एफआईआर में दर्ज अधिकांश जेवरात अभी बरामद नहीं किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से तुलसी की माला और कीलनुमा पीली धातु की कुछ वस्तुएं मिली थीं। इन वस्तुओं को परिवार को सौंप दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इन्हें बरामदगी की उस सूची से अलग देखा जा रहा है, जिसमें एफआईआर में दर्ज अधिकांश जेवरात का उल्लेख है।
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इस जानकारी के बाद पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि जेवरात की बरामदगी को लेकर सोशल मीडिया में चल रही सभी चर्चाओं को पुलिस की ओर से पुष्टि प्राप्त जानकारी नहीं माना जाना चाहिए।
पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। इसके बाद पुलिस ने बिसरा सुरक्षित कर उसे जांच के लिए भेज दिया है। बिसरा जांच का उद्देश्य मौत से जुड़े उन पहलुओं की जांच करना है, जिन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट नहीं किया जा सका। पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए बिसरा सुरक्षित रखा और उसे परीक्षण के लिए भेजा है।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, फिलहाल मौत के कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं रखा गया है। जांच में उपलब्ध सभी तथ्यों और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
मामले की जांच के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं। इन टीमों को अलग-अलग स्तर पर जांच की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जा रही है।
जांच के दौरान जिन लोगों से पूछताछ की जा रही है, उनके बयानों को रिकॉर्ड किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को दस्तावेज के रूप में सुरक्षित रखा जा रहा है, ताकि जांच में सामने आए तथ्यों का आकलन किया जा सके। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
एसपी प्राची सिंह ने कहा कि पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ मामले की जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने का सवाल नहीं है।
पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्य ही आगे की कार्रवाई का आधार होंगे। इसका मतलब है कि पुलिस इस मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच की प्रक्रिया पूरी कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों व रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेगी।
मामले में पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, अब तक कुछ महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। वहीं, एफआईआर में दर्ज अधिकांश जेवरात अभी बरामद नहीं हुए हैं।
पुलिस ने यह भी बताया है कि मौके से मिली तुलसी की माला और कीलनुमा पीली धातु की कुछ वस्तुएं परिवार को सौंप दी गई हैं। इसके अलावा जांच के लिए कई टीमें बनाई गई हैं और पूछताछ व बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है। इन सभी प्रक्रियाओं के बीच पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।