भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा शुक्रवार को वाराणसी पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर आयोजित दैनिक गंगा आरती में शामिल हुए। उन्होंने करीब 45 मिनट तक घाट पर मौजूद रहकर पूरे धार्मिक अनुष्ठान को देखा और मां गंगा की आराधना की। गंगा सेवा निधि की ओर से आयोजित इस भव्य आरती के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच ईशांत शर्मा को देखने का उत्साह भी दिखाई दिया। संस्था के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया और काशी की धार्मिक तथा सांस्कृतिक परंपराओं से उन्हें अवगत कराया।
यह पहला अवसर नहीं है जब ईशांत शर्मा गंगा आरती में शामिल हुए हों। जानकारी के अनुसार, वह इससे पहले भी दो बार इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बन चुके हैं। इस बार उनका तीसरा दौरा रहा। वाराणसी से उनके पारिवारिक संबंध भी जुड़े हुए हैं। उनकी ससुराल शिवपुर क्षेत्र की परमहंस नगर कॉलोनी में है। उनकी पत्नी प्रतिमा सिंह भारतीय महिला राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम की पूर्व खिलाड़ी रही हैं। इसी कारण उनका काशी आना-जाना पहले से होता रहा है।
वाराणसी प्रवास के दौरान ईशांत शर्मा ने काशी कोतवाल के दर्शन भी किए। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और परंपरा के अनुसार भोग अर्पित किया। मंदिर परिसर में वह कुछ समय तक मौजूद रहे और पूजा-पाठ के साथ माला जाप करते भी नजर आए। धार्मिक स्थलों पर उनकी मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि वह काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव रखते हैं।
ईशांत शर्मा जब भी वाराणसी आते हैं तो धार्मिक गतिविधियों में भाग लेते दिखाई देते हैं। इस दौरे के दौरान भी उन्होंने न केवल अपने पारिवारिक संबंधों को समय दिया बल्कि काशी की संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक विरासत को भी करीब से जानने का प्रयास किया। वाराणसी को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी माना जाता है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां गंगा आरती और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भाग लेने पहुंचते हैं।