नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों के लिए सोमवार का दिन खास रहा। जेवर से लखनऊ के लिए शुरू हुई पहली वाणिज्यिक उड़ान से 28 महिलाओं सहित कुल 170 किसान राजधानी पहुंचे। मुख्यमंत्री आवास पर इन किसानों का स्वागत और सम्मान किया गया। इस दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया और उन्हें स्मृति चिह्न भी भेंट किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि आज का दिन केवल जेवर या गौतमबुद्ध नगर के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और किसानों के सहयोग को दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राज्य सरकार ने जेवर में एयरपोर्ट निर्माण का प्रस्ताव मंजूर किया था, तब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रही थी। समीक्षा बैठक में प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में किसानों के साथ बैठक की थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, उस समय कई किसान जमीन देने को लेकर असमंजस में थे। उन्होंने किसानों से विकास के व्यापक दृष्टिकोण को समझने का आग्रह किया और कहा था कि यह परियोजना क्षेत्र की तस्वीर बदल देगी। बाद में किसानों के सहयोग से भूमि अधिग्रहण का काम आगे बढ़ा और आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण पूरा हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि पर बनने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट चार चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है और अब यहां से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत हो गई है। उन्होंने इंडिगो एयरलाइंस का भी धन्यवाद किया, जिसने जेवर से लखनऊ के लिए पहली कमर्शियल फ्लाइट शुरू की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जेवर क्षेत्र में तेजी से बदलाव आया है और अब देश-विदेश की बड़ी कंपनियां यहां निवेश करने में रुचि दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सेमीकंडक्टर यूनिट, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी आधारित विश्वस्तरीय सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसके अलावा दुनिया के पांच प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भी यहां अपने कैंपस स्थापित करने की तैयारी में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां कार्गो और एमआरओ (मेंटिनेंस, रिपेयरिंग एंड ओवरहॉलिंग) की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि अब तक विमान मरम्मत और रखरखाव से जुड़े कार्यों के लिए विदेशों का रुख करना पड़ता था, लेकिन भविष्य में यह सुविधा जेवर में उपलब्ध होगी। इससे देश के एविएशन सेक्टर को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान यहां से कार्गो सुविधा के माध्यम से अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचा सकेंगे। इससे फल, सब्जी, मत्स्य और अन्य कृषि उत्पादों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर क्षेत्र में आने वाले निवेश के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता भी बढ़ेगी। इसके लिए यमुना प्राधिकरण और टाटा समूह के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की दिशा में काम किया जा रहा है। यहां युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण, डिप्लोमा, डिग्री और कौशल विकास कार्यक्रमों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए डिग्री कॉलेज शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही ट्रॉमा सेंटर, चिकित्सा सुविधाओं और खेल अधोसंरचना को भी मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए इनडोर स्टेडियम समेत अन्य सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण के अपने संकल्पों को लगातार आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि अपनी भूमि से शुरू हुई पहली उड़ान का हिस्सा बनना किसानों के लिए एक यादगार अनुभव है। इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, अपर मुख्य सचिव (वित्त एवं नागरिक उड्डयन) दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, यीडा के सीईओ आरके सिंह तथा इंडिगो एयरलाइंस के प्रतिनिधि सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।