उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को एक और बड़ी औद्योगिक परियोजना मिलने जा रही है। गौतम बुद्ध नगर के जेवर में 6,785 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाले अंबर एंटरप्राइजेज और कोरिया सर्किट्स के संयुक्त उपक्रम 'एसेंट के सर्किट्स' के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शुक्रवार को भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया। राज्य सरकार का कहना है कि इस निवेश से इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को नई गति मिलने के साथ क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और सहायक उद्योगों के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह निवेश उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। उनके अनुसार इस परियोजना के आसपास कई एंकर यूनिट्स और सप्लाई चेन से जुड़े उद्योग विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में बनने वाले लगभग 55 प्रतिशत मोबाइल फोन नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तैयार किए जा रहे हैं, जबकि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के उत्पादन में भी इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 55 से 60 प्रतिशत के बीच है।
उन्होंने कहा कि एसेंट के सर्किट्स का नया प्लांट इस औद्योगिक इकोसिस्टम को और विस्तार देगा तथा उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में योगदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास परियोजनाओं को केंद्र सरकार से समयबद्ध स्वीकृति मिल रही है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संबंधित केंद्रीय मंत्रियों का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार, सेक्टोरल नीतियां, सिंगल विंडो सिस्टम और औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विस्तार के कारण उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं और 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना ने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निवेशकों की सुविधा के लिए लगभग 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक विकसित किया है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में नई औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास के साथ इस क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उनके अनुसार एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और औद्योगिक परियोजनाओं का संयोजन जेवर को उत्तर भारत के उभरते औद्योगिक केंद्रों में शामिल कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने भारत और दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव के साथ औद्योगिक सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में दक्षिण कोरिया का अनुभव भारत के लिए महत्वपूर्ण है और इस तरह की साझेदारियां तकनीकी विकास तथा निवेश को नई दिशा दे सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कानपुर और झांसी के बीच विकसित की जा रही बीडा इंडस्ट्रियल सिटी और उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रही है।