>झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र में एक शादी के दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब 1090 पर आई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मंडप में पहुंचकर विवाह प्रक्रिया रोक दी। शिकायत में दूल्हा और दुल्हन दोनों को नाबालिग बताया गया था, जिसके चलते बारात बिना दुल्हन लौट गई। बाद में जांच में आरोप झूठा पाया गया और चार दिनों बाद शादी संपन्न हो सकी।
>घटना मऊरानीपुर के भदरवारा गांव की है, जहां दुल्हन दीपा के घर बारात पहुंचने वाली थी। इसी दौरान पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम वहाँ पहुँची और शिकायत के आधार पर शादी रुकवा दी। दुल्हन पक्ष ने तत्काल दस्तावेज़ दिखाए, जिनमें दीपा की उम्र बालिग साबित हुई।
>दूल्हा सोनू उर्फ रामेश्वर, निवासी ग्वाली धमना, के पास उम्र का कोई प्रमाण पत्र नहीं मिला। मामले को CWC की रिपोर्ट के बाद मेडिकल जांच के लिए भेजा गया। मेडिकल परीक्षण में सोनू बालिग पाया गया। इस दौरान बारात वापस लौट चुकी थी और विवाह समारोह की तैयारियाँ बेकार हो गईं। जांच में खुलासा हुआ कि 1090 पर शिकायत दूल्हे के ही गांव के एक व्यक्ति ने की थी। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद चार दिन बाद बारात दोबारा चढ़ी और शादी विधिवत संपन्न हुई।
>