लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र में वांछित आरोपी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर हमला करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी एसयूवी से पुलिस टीम के वाहन को टक्कर मार दी। इस दौरान मामले के विवेचक दरोगा अमित चौधरी भी वाहन की चपेट में आकर घायल हो गए।
घटना के बाद आरोपी अपनी एसयूवी छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। पुलिस ने जंगल में काफी देर तक उसकी तलाश और कांबिंग की, लेकिन आरोपी का पता नहीं चल सका। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के मुताबिक मलिहाबाद के नवीनगर निवासी अभिषेक राजपूत काकोरी क्षेत्र में 21 जुलाई को हुए एक हमले के मामले में वांछित है। उस पर टिंबर व्यापारी जितेंद्र सिंह के साथ जानलेवा हमला करने का आरोप है।
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घटना के बाद से काकोरी पुलिस अभिषेक राजपूत और उसके दो साथियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान रविवार को पुलिस को आरोपी के संभावित ठिकाने के बारे में सूचना मिली।
पुलिस के अनुसार रविवार दोपहर सूचना मिली कि अभिषेक राजपूत अपनी एसयूवी से मलिहाबाद के हरदोई लाल नगर गांव में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी की घेराबंदी शुरू की।
पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ने अपनी एसयूवी स्टार्ट की और वहां से निकलने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुलिस वाहन में टक्कर मार दी। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी का पीछा शुरू कर दिया।
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पुलिस के मुताबिक पीछा किए जाने के दौरान आरोपी ने विवेचक दरोगा अमित चौधरी को भी वाहन से टक्कर मार दी। हादसे में दरोगा घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी इसके बाद करीब पांच किलोमीटर तक वाहन से भागता रहा। पुलिस टीम ने उसका पीछा जारी रखा, लेकिन आरोपी रास्ते में अपनी एसयूवी छोड़कर जंगल की तरफ भाग निकला।
एसयूवी छोड़कर आरोपी के जंगल की ओर भागने के बाद पुलिसकर्मियों ने इलाके में काफी देर तक कांबिंग की। आसपास के संभावित रास्तों और ठिकानों पर भी तलाश की गई, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस अब आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर वहां दबिश दे रही है। पुलिस की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य फरार आरोपी को गिरफ्तार करना है।
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पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपी अभिषेक राजपूत के मौसेरे भाई दीपक को हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ के जरिए पुलिस आरोपी के संभावित ठिकानों और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अभिषेक राजपूत की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।
घटना के बाद घायल दरोगा की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला करने और जान से मारने के प्रयास समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही पुलिस ने जंगल और आसपास के इलाकों में भी तलाश की है।
पुलिस के अनुसार अभिषेक राजपूत के खिलाफ कार्रवाई की पृष्ठभूमि 21 जुलाई को काकोरी क्षेत्र में हुए व्यापारी पर हमले से जुड़ी है। इस मामले में उसे वांछित बताया गया है।
पुलिस आरोपी और उसके दो साथियों की तलाश कर रही थी। रविवार को उसके हरदोई लाल नगर गांव में होने की सूचना मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर गिरफ्तारी की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस के मुताबिक आरोपी ने भागने के लिए वाहन का इस्तेमाल किया और पुलिस टीम के वाहन तथा विवेचक दरोगा को टक्कर मार दी।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की एसयूवी को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जंगल में तलाशी के बाद भी आरोपी का पता नहीं चलने पर उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस के मुताबिक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। वहीं, घायल दरोगा अमित चौधरी का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।