राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र स्थित कसमंडी कलां के एक विवादित स्थल पर सावन के पहले सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता 108 गांवों की मिट्टी और जल लेकर कथित शिव मंदिर पर जलाभिषेक करने के उद्देश्य से पहुंचे। पहले से सतर्क पुलिस और प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर उन्हें विवादित स्थल की ओर बढ़ने से रोक दिया।
घटना के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, प्रांतीय सशस्त्र आरक्षी बल (पीएसी) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी भी पक्ष को विवादित स्थल पर धार्मिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं दी गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी हिंसक झड़प या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
लाखन आर्मी का कहना है कि कसमंडी कलां स्थित विवादित ढांचा वास्तव में महाराजा बीजा (बिजली) पासी का किला और प्राचीन शिव मंदिर है। संगठन का दावा है कि समय के साथ इस स्थल की मूल पहचान बदल गई और अब इसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्वरूप के अनुरूप मान्यता मिलनी चाहिए। इसी मांग के समर्थन में संगठन ने सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की थी।
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लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने कहा कि संगठन के कार्यकर्ता 108 गांवों की पवित्र मिट्टी और जल लेकर पहुंचे थे। उनका उद्देश्य कथित शिव मंदिर पर जलाभिषेक कर धार्मिक आस्था प्रकट करना तथा पासी समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े अपने दावे को सामने रखना था। उन्होंने विवादित स्थल की ऐतिहासिक और पुरातात्विक जांच कराकर उसकी वास्तविक पहचान सार्वजनिक किए जाने की मांग भी दोहराई।
प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम की जानकारी पहले से थी। सावन के पहले सोमवार पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना और स्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई।
विवादित स्थल की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई तथा वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता बताते हुए किसी भी नए धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं दी।
सुबह से ही कसमंडी कलां और आसपास के इलाकों में पुलिस की गतिविधियां बढ़ा दी गई थीं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। कार्यकर्ताओं को निर्धारित सीमा से आगे नहीं जाने दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की लगातार निगरानी की।
कसमंडी कलां स्थित इस स्थल को लेकर लाखन आर्मी पहले भी कई बार अपनी मांग सार्वजनिक कर चुकी है। संगठन लंबे समय से इसे महाराजा बीजा पासी की विरासत और प्राचीन शिव मंदिर के रूप में मान्यता दिए जाने की मांग करता रहा है।
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि स्थल की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। ऐसे मामलों का समाधान केवल कानून तथा सक्षम न्यायिक अथवा प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जा सकता है।
पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था के कारण पूरे घटनाक्रम के दौरान कोई हिंसक झड़प, तोड़फोड़ या अन्य बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। एहतियात के तौर पर देर शाम तक क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा और संवेदनशील इलाकों में गश्त भी बढ़ाई गई।