अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर से जम्मू-कश्मीर के कठुआ से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के मठिया गांव निवासी सीआईएसएफ अधिकारी अंकित पांडेय की गोली लगने से मौत हो गई। वह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके गांव में लोगों की आवाजाही बढ़ गई और परिवार में शोक का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार घटना बीते शाम करीब छह बजे कठुआ में हुई। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया है कि ड्यूटी के दौरान किसी बात को लेकर एक सिपाही की नाराजगी के बाद गोली चलने की घटना हुई, जिसमें डिप्टी कमांडेंट अंकित पांडेय की मौत हो गई। घटना की परिस्थितियों और गोली चलने के पीछे की वास्तविक वजह को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
अंकित पांडेय की उम्र 36 वर्ष बताई गई है। वह अम्बेडकरनगर जिले के इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के मठिया गांव के निवासी थे। वह सीआईएसएफ में डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात थे और वर्तमान में कठुआ में ड्यूटी कर रहे थे। ड्यूटी के दौरान हुई गोलीबारी की इस घटना में उनकी मौत की सूचना मिलने के बाद उनके पैतृक गांव में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी जैसे-जैसे ग्रामीणों और परिचितों तक पहुंची, बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे।
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अंकित पांडेय की मौत की जानकारी परिवार तक पहुंचते ही परिजनों में शोक छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्य शव लेने के लिए कठुआ रवाना हो गए हैं। मृतक अधिकारी के गांव में भी लोग उनके परिवार के साथ मौजूद हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
घटना के बाद संबंधित स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में गोली चलने की परिस्थितियों, घटना से पहले की स्थिति और इसके पीछे की वजह समेत अन्य पहलुओं को देखा जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी में ड्यूटी के दौरान किसी बात को लेकर नाराजगी के बाद गोली चलने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियां और गोली चलने का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अंकित पांडेय मठिया गांव के रहने वाले थे और सीआईएसएफ में डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात थे। कठुआ में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से उनकी मौत हुई। घटना की सूचना अम्बेडकरनगर स्थित उनके परिवार को दी गई, जिसके बाद परिजन कठुआ के लिए रवाना हो गए। गांव में भी बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे।