पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। वीडियो में वह तृणमूल कांग्रेस से जुड़े एक प्रत्याशी को कड़े शब्दों में चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद राज्य के चुनावी माहौल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
वायरल वीडियो में अजय पाल शर्मा फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस से जुड़े माने जाने वाले जहांगीर खान के आवास पर पहुंचते दिख रहे हैं। वहां वह कथित तौर पर समर्थकों को चेतावनी देते हैं कि यदि मतदाताओं को धमकाने की शिकायत दोबारा मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में मतदाताओं पर दबाव बनाने की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। घटना के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई है और वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है।
चुनाव आयोग ने अजय पाल शर्मा को दक्षिण परगना जिले में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया है। यह क्षेत्र ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है और यहां तृणमूल कांग्रेस की मजबूत पकड़ है। ऐसे में एक सख्त छवि वाले अधिकारी की तैनाती को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अजय पाल शर्मा वर्ष 2011 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह अपनी सख्त कार्यशैली और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के लिए जाने जाते हैं। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने कई अभियानों का नेतृत्व किया, जिसके चलते उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में भी जाना जाता है। मूल रूप से लुधियाना के निवासी शर्मा ने पुलिस सेवा में आने से पहले डेंटल साइंस (BDS) की पढ़ाई की और पेशे से डॉक्टर भी रहे हैं। वर्तमान में वह प्रयागराज में ज्वाइंट सीपी के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वह शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर में विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं।
इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा हो रहा है। हालांकि, इस पर चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की जाती है। इसी क्रम में अजय पाल शर्मा को संवेदनशील क्षेत्र में जिम्मेदारी दी गई है, जहां उनकी कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है।