झूठे आरोपों की बलि चढ़ा एक बाप: कौशाम्बी केस में निर्दोष साबित हुआ बेटा

10 Jun 2025


>कौशाम्बी के लोहंडा गांव में घटित एक दिल दहला देने वाली घटना ने न केवल न्याय व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया, बल्कि यह सवाल भी उठाया कि क्या झूठे आरोपों की कीमत एक बेकसूर की ज़िंदगी होनी चाहिए?


>8 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किए गए सिद्धार्थ तिवारी को एसआईटी जांच के बाद निर्दोष पाया गया। पुलिस के अनुसार, मामला निजी रंजिश से प्रेरित था और शिकायतकर्ता ने आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। परंतु सिद्धार्थ की बेगुनाही साबित होने से पहले ही, उनके पिता रंभऊ तिवारी ने आत्महत्या कर ली।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि केवल एक झूठे मुकदमे की कीमत किसी के पूरे परिवार को चुकानी पड़ सकती है।

घटना का क्रम:

पुलिस की लापरवाही और कार्रवाई:

पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि जांच में दोषी पाए गए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है:

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आश्वासन: