'पूर्व गृह सचिव ने चढ़ाई थी 1 किलो सोने की रामचरितमानस, वह भी गायब', राम मंदिर विवाद में केजरीवाल का नया दावा

04 Jul 2026

नई दिल्ली। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक नया दावा करते हुए सत्ताधारी पक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय गृह सचिव द्वारा श्रद्धा स्वरूप मंदिर में भेंट की गई करीब एक किलो सोने की रामचरितमानस भी अब गायब बताई जा रही है।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "पूर्व गृह सचिव द्वारा पूरी श्रद्धा से चढ़ाई गई एक किलो सोने की राम चरित मानस भी गायब है। चंदा चोरों ने महापाप किया है।" उनकी यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूर्व केंद्रीय गृह सचिव एस. लक्ष्मी नारायण ने भगवान राम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए सोने से प्लेटेड रामचरितमानस मंदिर ट्रस्ट को भेंट की थी। अब चढ़ावे से जुड़े विवाद के दौरान यह दावा किया जा रहा है कि यह रामचरितमानस भी उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इस संबंध में मंदिर ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित भेंट का वर्तमान रिकॉर्ड क्या है या उसके संबंध में क्या स्थिति है।

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले की जांच पहले से ही एसआईटी के पास है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चोरी किए गए बताए जा रहे सोने के आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं के साथ क्या हुआ तथा क्या उनकी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उन्हें गलाया गया था। जांच अभी जारी है और एजेंसियों की ओर से इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।

केजरीवाल का एक्स पोस्ट सामने आने के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक और अन्य सोशल मीडिया उपयोगकर्ता इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इस बीच कई मीडिया संस्थानों ने भी पूर्व गृह सचिव द्वारा भेंट की गई सोने की रामचरितमानस से जुड़े दावे और चल रही जांच को प्रमुखता से प्रकाशित किया है।

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद को लेकर लगातार नए दावे सामने आ रहे हैं। हालांकि, सोने की रामचरितमानस के संबंध में उठाए गए ताजा दावे पर मंदिर ट्रस्ट की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई थी।